पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले एडीआर की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार राज्य के 47 प्रतिशत मौजूदा विधायकों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं और 37 प्रतिशत पर गंभीर अपराध के आरोप हैं। 291 विधायकों के हलफनामों के विश्लेषण में यह जानकारी सामने आई है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले एक रिपोर्ट ने राज्य की राजनीति को लेकर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स की रिपोर्ट के अनुसार राज्य के करीब आधे मौजूदा विधायकों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। रिपोर्ट के मुताबिक 47 प्रतिशत विधायकों ने अपने हलफनामे में खुद पर आपराधिक मामलों की जानकारी दी है। चुनाव से ठीक पहले सामने आए इन आंकड़ों ने उम्मीदवारों की पृष्ठभूमि और राजनीति में अपराध के मुद्दे को फिर चर्चा में ला दिया है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि पश्चिम बंगाल के 294 में से 291 मौजूदा विधायकों के हलफनामों का विश्लेषण किया गया। इनमें से 136 विधायक यानी करीब 47 प्रतिशत ने अपने ऊपर आपराधिक मामले घोषित किए हैं। वहीं 109 विधायकों यानी करीब 37 प्रतिशत ने गंभीर आपराधिक मामलों की जानकारी दी है। राज्य में विधानसभा चुनाव दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को होंगे, जबकि मतगणना 4 मई को की जाएगी।
कितने विधायकों पर गंभीर अपराध के आरोप?
एडीआर की रिपोर्ट में बताया गया है कि कई विधायकों पर गंभीर अपराध से जुड़े मामले दर्ज हैं। कम से कम आठ विधायकों ने अपने ऊपर हत्या से जुड़े मामलों का जिक्र किया है। वहीं 29 विधायकों ने हत्या के प्रयास के मामले घोषित किए हैं। इसके अलावा 22 विधायकों ने महिलाओं के खिलाफ अपराध से जुड़े मामलों की जानकारी दी है। इनमें से एक विधायक ने अपने ऊपर दुष्कर्म से जुड़ा मामला भी घोषित किया है।
किस पार्टी के कितने विधायकों पर केस?
रिपोर्ट के अनुसार सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के 223 विधायकों में से 92 यानी करीब 41 प्रतिशत ने अपने ऊपर आपराधिक मामलों की जानकारी दी है। वहीं भाजपा के 64 विधायकों में से 42 यानी करीब 66 प्रतिशत ने अपने हलफनामे में आपराधिक मामलों का जिक्र किया है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि यह विश्लेषण उम्मीदवारों द्वारा चुनाव आयोग को दिए गए शपथ पत्रों के आधार पर किया गया है।
विधायकों की संपत्ति को लेकर क्या सामने आया?
रिपोर्ट में विधायकों की संपत्ति के आंकड़े भी सामने आए हैं। कुल 291 विधायकों की संपत्ति मिलाकर करीब 821.50 करोड़ रुपये बताई गई है। औसतन एक विधायक की संपत्ति करीब 2.82 करोड़ रुपये है। तृणमूल कांग्रेस के विधायकों की औसत संपत्ति 3.27 करोड़ रुपये है, जबकि भाजपा के विधायकों की औसत संपत्ति लगभग 1.07 करोड़ रुपये बताई गई है।
शिक्षा, उम्र और महिला प्रतिनिधित्व क्या कहता है डेटा?
रिपोर्ट में विधायकों की शिक्षा और उम्र से जुड़ी जानकारी भी दी गई है। 104 विधायक यानी करीब 36 प्रतिशत ने अपनी शिक्षा आठवीं से बारहवीं के बीच बताई है। वहीं 182 विधायक यानी लगभग 63 प्रतिशत स्नातक या उससे अधिक शिक्षित हैं। उम्र के हिसाब से 124 विधायक 25 से 50 साल के बीच हैं, जबकि 167 विधायक 51 से 70 वर्ष के बीच आते हैं। रिपोर्ट के अनुसार 291 विधायकों में से 45 यानी करीब 15 प्रतिशत महिला विधायक हैं।
