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Source
BW Hindi
Author
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो
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दिल्ली विधानसभा की 70 सीटों के लिए बुधवार को सुबह 7 बजे से वोटिंग जारी है. 1.56 करोड़ लोग शाम 6 बजे तक वोट कर सकेंगे. इसके लिए करीब 13 हजार पोलिंग स्टेशन बनाए गए हैं. लोकसभा चुनाव में INDIA ब्लॉक का हिस्सा रहीं 5 पार्टियां दिल्ली चुनाव में एक-दूसरे के खिलाफ मैदान में हैं. इनमें आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस सभी 70 सीटों पर आमने-सामने हैं. वहीं भाजपा ने 68 सीटों पर कैंडिडेट उतारे हैं. दो सीटें सहयोगी पार्टियों को दी हैं. इसमें जनता दल- यूनाइटेड (JDU) ने बुराड़ी और लोक जनशक्ति पार्टी - रामविलास (LJP-R) ने देवली सीट से प्रत्याशी उतारे हैं.

19% उम्मीदवार दागी, 81 पर हत्या बलात्कार जैसे गंभीर मामले दर्ज 

चुनाव आयोग के मुताबिक निर्दलीय समेत विभिन्न पार्टियों के कुल 699 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं. एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म (ADR) ने इन सभी उम्मीदवारों के हलफनामे की जांच करके एक रिपोर्ट तैयार की है. इसके मुताबिक करीब 19 फीसदी यानी 132 उम्मीदवार आपराधिक छवि के हैं. इनमें से 81 पर हत्या, किडनैपिंग, बलात्कार जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं. 13 उम्मीदवार महिलाओं के खिलाफ अपराधों में आरोपी हैं.

699 में सिर्फ 96 महिलाएं उम्मीदवार

ADR के अनुसार 5 उम्मीदवारों के पास 100 करोड़ रुपए या उससे ज्यादा की संपत्ति है. इसमें 3 भाजपा के जबकि एक-एक कांग्रेस और AAP का है. भाजपा उम्मीदवारों की औसत संपत्ति करीब 22.90 करोड़ रुपए है. वहीं, तीन उम्मीदवारों ने अपनी संपत्ति शून्य बताई है. करीब 28% यानी 196 उम्मीदवारों ने अपनी उम्र 25 से 40 साल के बीच बताई है. 106 (15%) की उम्र 61 से 80 साल के बीच, जबकि तीन की उम्र 80 साल से ज्यादा है. सभी 699 उम्मीदवारों में 96 महिलाएं हैं, जो करीब 14% होता है. प्रत्याशियों के एजुकेशन क्वालिफिकेशन की बात करें तो 46% ने अपने आपको 5वीं से 12वीं के बीच घोषित किया है. 18 उम्मीदवारों ने खुद को डिप्लोमा धारक, 6 ने साक्षर और 29 ने असाक्षर बताया है.

दिल्ली में 18% स्विंग वोटर्स किंगमेकर 

लोकसभा चुनाव में दिल्ली की 7 सीटों पर AAP और कांग्रेस साथ चुनाव लड़ा था. AAP ने 4 और कांग्रेस ने 3 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन सभी 7 सीटों पर भाजपा ने कब्जा जमाया. भाजपा को 54.7%, जबकि INDIA ब्लॉक को कुल 43.3% वोट मिला था. जीत-हार का मार्जिन सभी सीटों पर औसतन 1.35 लाख रहा था। भाजपा 52 विधानसभा सीटों पर आगे रही थी. दिल्ली चुनाव लोकसभा के करीब 9 महीने बाद होते हैं लेकिन इतने कम वक्त में ही वोटिंग ट्रेंड्स में बड़ा बदलाव दिखता है. पिछले दो लोकसभा (2014 और 2019) और दो विधानसभा चुनावों (2015 और 2020) के डेटा के मुताबिक करीब 18% स्विंग वोटर्स दिल्ली की सत्ता तय करते रहे हैं.


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