Skip to main content
Source
4PM News
Author
Awadh Maurya
Date
City
New Delhi

दिल्ली विस चुनाव में इस बार आपराधिक मामले झेल रहे विधायकों की संख्या में कमी आई है। चुनाव अधिकार संस्था एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉम्र्स (एडीआर) के अनुसार पिछली बार की तुलना में इस बार 70 में से जीते हुए 31 विधायक ही ऐसे रहे जिनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। पिछली बार यही संख्या 43 थी। पार्टी के हिसाब से देखें तो भाजपा के 48 विधायकों में से 16 और आप के 22 विधायकों में से 15 के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। भाजपा के सात और आप के 10 विधायक गंभीर आपराधिक आरोपों का सामना कर रहे हैं।
एडीआर और दिल्ली इलेक्शन वॉच ने विधानसभा चुनाव लडऩे वाले सभी 699 उम्मीदवारों के हलफनामों का विश्लेषण किया और पाया कि गंभीर आपराधिक मामलों वाले विजयी उम्मीदवारों की संख्या अभी भी चिंता का विषय है। रिपोर्ट में पाया गया कि 17 नवनिर्वाचित उम्मीदवारों पर गंभीर आपराधिक मामले चल रहे हैं, जिनमें हत्या के प्रयास और महिलाओं के खिलाफ अपराध से संबंधित मामले भी शामिल हैं। 2020 के चुनाव में 37 विजयी उम्मीदवारों ने गंभीर आपराधिक मामले घोषित किए थे। 2025 में एक नवनिर्वाचित विधायक ने हत्या के प्रयास से संबंधित मामले घोषित किए हैं, जबकि दो अन्य महिलाओं के खिलाफ अपराध के आरोपों का सामना कर रहे हैं।

64 फीसदी नए विधायकों के पास है स्नातक की डिग्री

64 प्रतिशत नए विधायकों के पास स्नातक या उससे ऊपर की डिग्री है, जबकि 33 प्रतिशत ने अपनी शैक्षणिक योग्यता कक्षा 5 से कक्षा 12 के बीच बताई। उम्र के मामले में, 67 प्रतिशत विजयी उम्मीदवार 41 और 60 के बीच हैं, जबकि 20 प्रतिशत 60 वर्ष से अधिक आयु के हैं।

महिलाओं का प्रतिनिधित्व घटा

इस बार महिलाओं का प्रतिनिधित्व घटा है। केवल पांच महिलाएं ही चुनी गई हैं, जो 2020 में आठ से कम है। फिर से चुने गए विधायकों की संपत्ति में वृद्धि पर भी प्रकाश डाला गया है। सदन के लिए फिर से चुने गए 22 उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 2020 में 7.04 करोड़ रुपये से 25 प्रतिशत बढक़र 2025 में 8.83 करोड़ रुपये हो गई है।


abc