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Source
Amarujala
Author
दीपक कुमार शर्मा
Date
City
NEW DELHI

एडीआर रिपोर्ट के मुताबिक, झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो), जननायक जनता पार्टी (जजपा), तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने चंदे में सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की है। झामुमो के चंदे में 3,685 प्रतिशत का जोरदार उछाल आया है, जिसके बाद जजपा में 1,997 प्रतिशत और तेदेपा में 1,795 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की।

क्षेत्रीय राजनीतिक दलों ने वित्त वर्ष 2022-23 के लिए 216 करोड़ रुपये से अधिक का चंदा मिलने की जानकारी दी है। सर्वाधिक चंदा पाने वालों में भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) शीर्ष पर रही, जिसने मात्र 47 दानकर्ताओं से 154.03 करोड़ रुपये मिलने की घोषणा की। इसके बाद वाईएसआर कांग्रेस पार्टी को पांच दाताओं से 16 करोड़ तथा तेदेपा को 11.92 करोड़ रुपये मिले।

यह बात एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) के एक विश्लेषण में सामने आई है। एडीआर रिपोर्ट के मुताबिक, झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो), जननायक जनता पार्टी (जजपा), तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने चंदे में सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की है। झामुमो के चंदे में 3,685 प्रतिशत का जोरदार उछाल आया है, जिसके बाद जजपा में 1,997 प्रतिशत और तेदेपा में 1,795 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की।

रिपोर्ट बताती है कि समाजवादी पार्टी और शिरोमणि अकाली दल जैसे दलों ने चंदे में तीव्र गिरावट दर्ज की है, जो क्रमशः 99.1 प्रतिशत और 89.1 प्रतिशत घटी। विश्लेषण 28 क्षेत्रीय दलों की ओर से घोषित कुल 2,119 चंदों पर आधारित है, जिसमें कुल राशि 216,765 करोड़ रुपये थी।

सात दलों ने नहीं दिया ब्योरा
रिपोर्ट के मुताबिक, 57 क्षेत्रीय दलों में से केवल 18 ने निर्धारित समय के भीतर निर्वाचन आयोग को अपनी चंदा रिपोर्ट प्रस्तुत की। 17 अन्य दलों ने अपने विवरण देने में दो से लेकर 164 दिन तक की देरी की। बीजू जनता दल और जम्मू-कश्मीर नेशनल कांफ्रेंस समेत सात दलों ने चंदे के बारे कोई ब्योरा नहीं दिया है।


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