Source: 
Amar Ujala
Author: 
Date: 
04.04.2022
City: 
New Delhi

एडीआर के एक विश्लेषण के अनुसार वित्त वर्ष 2017-18 और 2018-19 के बीच राष्ट्रीय राजनीतिक दलों को मिलने वाले कॉरपोरेट चंदे में 109 फीसदी का इजाफा हुआ है।

वित्त वर्ष 2019-20 में कॉरपोरेट और कारोबारी संगठनों ने राष्ट्रीय राजनीतिक दलों को 921.95 करोड़ रुपये का चंदा दिया था। इसमें सबसे ज्यादा चंदा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को मिला था। एसोसिएशन फॉर डडेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की एक रिपोर्ट के अनुसार भाजपा को इस वित्त वर्ष में कुल 720.407 करोड़ रुपये कॉरपोरेट चंदा प्राप्त हुआ था। इस रिपोर्ट में पांच पार्टिों के मिले दान का विश्लेषण किया गया था।

चुनावी राजनीति में पारदर्शिता लाने के लिए काम करने वाले गैर सरकारी संगठन एडीआर के एक विश्लेषण के अनुसार वित्त वर्ष 2017-18 और 2018-19 के बीच राष्ट्रीय राजनीतिक दलों को मिलने वाले कॉरपोरेट चंदे में 109 फीसदी का इजाफा हुआ है। यह विश्लेषण पार्टियों की ओर से निर्वाचन आयोग को दी गई दानकर्ताओं की जानकारी पर किया गया है, जिन्होंने एक वित्त वर्ष में 20,000 रुपये से अधिक का दान दिया है।

एडीआर की रिपोर्ट: साल 2019-20 में भाजपा को मिला सबसे ज्यादा कॉरपोरेट चंदा, पढ़िए बाकी राजनीतिक दलों का हाल

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: गौरव पाण्डेय Updated Mon, 04 Apr 2022 10:17 PM IST

सार

एडीआर के एक विश्लेषण के अनुसार वित्त वर्ष 2017-18 और 2018-19 के बीच राष्ट्रीय राजनीतिक दलों को मिलने वाले कॉरपोरेट चंदे में 109 फीसदी का इजाफा हुआ है।


सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पिक्साबे

विस्तार

वित्त वर्ष 2019-20 में कॉरपोरेट और कारोबारी संगठनों ने राष्ट्रीय राजनीतिक दलों को 921.95 करोड़ रुपये का चंदा दिया था। इसमें सबसे ज्यादा चंदा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को मिला था। एसोसिएशन फॉर डडेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की एक रिपोर्ट के अनुसार भाजपा को इस वित्त वर्ष में कुल 720.407 करोड़ रुपये कॉरपोरेट चंदा प्राप्त हुआ था। इस रिपोर्ट में पांच पार्टिों के मिले दान का विश्लेषण किया गया था।

चुनावी राजनीति में पारदर्शिता लाने के लिए काम करने वाले गैर सरकारी संगठन एडीआर के एक विश्लेषण के अनुसार वित्त वर्ष 2017-18 और 2018-19 के बीच राष्ट्रीय राजनीतिक दलों को मिलने वाले कॉरपोरेट चंदे में 109 फीसदी का इजाफा हुआ है। यह विश्लेषण पार्टियों की ओर से निर्वाचन आयोग को दी गई दानकर्ताओं की जानकारी पर किया गया है, जिन्होंने एक वित्त वर्ष में 20,000 रुपये से अधिक का दान दिया है।

जिन पांच राजनीतिक दलों को मिले चंदे का एडीआर ने विश्लेषण किया है उनमें भाजपा, कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी), तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) औक कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया-मार्क्सवादी (सीपीएम) शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 2019-20 के दौरान कांग्रेस पार्टी को 154 दानकर्ताओं से 133.04 करोड़ रुपये की राशि और एनसीपी को 36 कॉरपोरेट दानदाताओं से 57.086 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त हुई।

सीपीएम को कॉरपोरेट चंदे के रूप में कुछ नहीं मिला
वहीं, सीपीएम ने इस वित्त वर्ष की अवधि में कॉरपोरेट चंदे से कोई आय नहीं दर्शाई है। रिपोर्ट के अनुसार 2019-20 में भाजपा और कांग्रेस को दान देने में प्रूडेंट इलेक्टोरल ट्रस्ट शीर्ष पर रहा। ट्रस्ट ने दोनों पार्टियों को एक साल में 38 बार दान दिया। इस ट्रस्ट ने दोनों पार्टियों को कुल 247.54 करोड़ रुपये का चंदा दिया था। भाजपा को कुल 2025 कॉरपोरेट दानकर्ताओं से चंदे के रूप में कुल 710.407 करोड़ रुपये की राशि मिली।

रिपोर्ट में कहा गया, 'भाजपा ने प्रूडेंट इलेक्टोरल ट्रस्ट से 216.75 करोड़ रुपये का चंदा प्राप्त होने की घोषणा की थी और कांग्रेस ने ट्रस्ट से 31 करोड़ रुपये का चंदा मिलने की बात कही थी। वहीं, एनसीपी के लिए वित्त वर्ष 2019-20 में बीजी शिरके कंस्ट्रक्शन टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड से सबसे ज्यादा चंदा मिला।' कुल चंदे में से 22.312 करोड़ की राशि ऐसी कंपनियों से आई है जिनकी ऑनलाइन जानकारी उपलब्ध नहीं है।


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