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चुनाव सुधारों के लिए काम करने वाले गैर सरकारी संगठन एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) के अनुसार, पांच क्षेत्रीय पार्टियों ने यह घोषणा की है कि 2020-21 में चुनावी बॉंड के जरिये उन्होंने 250.60 करोड़ रुपये चंदा प्राप्त किया।

एडीआर की एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार, 2020-21 वित्तीय वर्ष में 31 क्षेत्रीय पार्टियों को कुल 529.416 करोड़ रुपये की कुल आय हुई और उन्होंने 414.028 करोड़ रुपये अपने कुल खर्च घोषित किये हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि जिन पांच पार्टियों ने उस वर्ष सर्वाधिक खर्च किये, उनमें द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (218.49 करोड़ रुपये), तेलुगू देशम पार्टी (54.769 करोड़ रुपये), अन्नाद्रमुक (42.37 करोड़ रुपये), जनता दल यूनाइटेड (24.35 करोड़ रुपये) और तेलंगाना राष्ट्र समिति (22.35 करोड़ रुपये) शामिल हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि इन शीर्ष पार्टियों की कुल आय 434.255 करोड़ रुपये थी, जो विश्लेषण में शामिल किये गये राजनीतिक दलों की कुल आय का 82.03 प्रतिशत है।

इसमें कहा गया है कि स्वैच्छिक अंशदान के जरिये, राजनीतिक दलों ने 250.60 करोड़ रुपये या चुनावी बॉंड के जरिये प्राप्त चंदे से अपनी आय का 47.34 प्रतिशत जुटाया, जबकि अन्य चंदा और अंशदान के रूप में 126.265 करोड़ रुपये जुटाया।

रिपोर्ट में कहा गया है कि विश्लेषण में शामिल किये गये 31 क्षेत्रीय दलों में से सिर्फ पांच ने चुनावी बॉंड से चंदा मिलने की घोषणा की।

इसमें कहा गया है कि 31 दलों में 29 की कुल आय वित्त वर्ष 2019-20 के 800.26 करोड़ रुपये से घट कर वित्त वर्ष 2020-21 में 520.492 करोड़ रुपये हो गई।

इसमें कहा गया है कि रिपोर्ट तैयार किये जाने के समय राष्ट्रीय पार्टियों में, वित्त वर्ष 2020-21 के लिए भारतीय जनता पार्टी की ऑडिट रिपोर्ट चुनाव आयोग की वेबसाइट पर अनुपलब्ध थी।

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