Source: 
Aaj Tak
Author: 
Date: 
26.03.2022
City: 
New Delhi

उत्तर प्रदेश की नई सरकार के 53 में से 22 मंत्री अपराधिक रिकॉर्ड (Criminal records) वाले हैं. मंत्रिपरिषद के 45 सदस्यों के हलफनामे एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) और यूपी इलेक्शन वॉच ने खंगाले तो ये रिकॉर्ड सामने आए. ADR के मुताबिक, विधान परिषद से मंत्रिमंडल के सदस्य संजय निषाद और जितिन प्रसाद के ताजा हलफनामे निर्वाचन आयोग के पास नहीं हैं.

जानकारी के अनुसार, सदस्य जेपीएस राठौर, नरेंद्र कश्यप, दिनेश प्रताप सिंह, दया शंकर मिश्र दयालु, जसवंत सैनी और दानिश अंसारी आजाद के हलफनामे उपलब्ध नहीं हैं, क्योंकि ये लोग फिलहाल किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं. ADR और यूपी इलेक्शन वॉच के मुताबिक, आपराधिक पृष्ठभूमि वाले 22 मंत्रियों में से 20 के खिलाफ हत्या, जानलेवा हमला, अपहरण, फिरौती या बलात्कार व महिला उत्पीड़न जैसे गंभीर प्रकृति के आरोपों में FIR दर्ज हैं.

विधायक धर्मवीर सिंह के पास है सबसे कम संपत्ति

विश्लेषण के रडार में आए 45 मंत्रियों में से 39 करोड़पति हैं. मंत्रिपरिषद के सदस्यों के पास संपत्ति का औसत 9 करोड़ रुपये है. वहीं तिलोई से विधायक चुनकर मंत्रिमंडल में आए मयंकेश्वर शरण सिंह पौने 59 करोड़ रुपये की चल अचल संपदा और नगदी के साथ अव्वल नंबर पर हैं. मंत्रिपरिषद के सबसे कम संपत्ति वाले सदस्य विधानपरिषद के विधायक धर्मवीर सिंह हैं, जिनके पास निजी संपत्ति के नाम पर कुल 42.91 लाख रुपये की संपदा है.

किस विधायक पर कितनी देनदारी

27 मंत्रियों ने अपनी देनदारी का जिक्र भी हलफनामे में किया है. इनमें भोगनीपुर के विधायक राकेश सचान पर 8 करोड़ 17 लाख रुपये की देनदारी है. 53 में से जिन 45 मंत्रियों ने अपने चुनाव के नामांकन पत्र के साथ संलग्न किए थे, उनमें से 36 स्नातक या पोस्ट ग्रेजुएट की डिग्री वाले हैं, जबकि नौ की शिक्षा 8वीं से 12वीं तक की है. हलफनामे के मुताबिक, 20 मंत्री 20 से 50 साल के बीच की उम्र के हैं, जबकि अधेड़ यानी 51 से 70 साल के बीच की अवस्था के 25 विधायक मंत्रिपरिषद के सदस्य बने हैं.

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