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Date: 
06.02.2021
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 यूपी में लगता है लोगों का रुझान राजनीति की तरफ लगातार बढ़ रहा है। लोग अपनी बात को रखने के लिए राजनीतिक दल बना रहे हैं। यह जानकार हैरान रह जाएंगे कि उत्तर प्रदेश में देश की सबसे अधिक 653 गैर मान्यता प्राप्त पार्टियां हैं। साल 2019 के पंजीकरण के अनुसार देश में पार्टियाेेें की संख्या 2,301 पहुंच चुकी है। साल 2010 में देश में 1,112 पार्टियां थीं। अगर पार्टी को चंदे मिलने की बात करें तो ताज्जुब करेंगे कि यूपी की अपना देश पार्टी को सबसे ज्यादा चंदा 65.63 करोड़ रुपए मिला है। गैर सरकारी संगठन एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स ( एडीआर) की जारी रिपोर्ट से यह जानकारी मिली है।

दिल्ली दूसरे तो तमिलनाडु तीसरे नंबर पर :- एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स ने अपनी ताजा रिपोर्ट में बताया है कि देश में पंजीकृत पर गैर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों की संख्या बेहद तेजी के साथ बढ़ रही है। वर्ष 2019 में करीब एक दशक बीत जाने पर यह संख्या दोगुनी हो चुकी है। उत्तर प्रदेश ने तो कमाल कर दिया, यहां बीते 9 साल में 653 नए दलों ने अपना पंजीकरण कराया है। पर यह सभी गैर मान्यता प्राप्त हैं। पूरे देश में यह गैर मान्यता दलों की संख्या 2,301 है, इस प्रकार यूपी में गैर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों में 28 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई। तो इस आधार पर उत्तर प्रदेश पूरे देश में नम्बर वन हो गया। दिल्ली इस मामले में 291 पार्टियों के साथ दूसरे नंबर पर है। तो 184 पार्टियों के साथ तमिलनाडु तीसरे नंबर पर है।

कौन हैं गैर मान्यता प्राप्त दल :- गैर मान्यता प्राप्त की श्रेणी में ऐसी पार्टियों को रखा जाता है, जो नई पंजीकृत हुई या जिन्हें विधानसभा अथवा आम चुनाव में इतने वोट नहीं मिले कि राज्य स्तरीय पार्टियां कहला सकें। इनमें चुनाव नहीं लड़े दल भी शामिल होते हैं।

हर साल 30 सितंबर तक चंदा रिपोर्ट होती है जमा :- चुनाव आयोग ने 1 अक्तूबर 2014 से गैर मान्यता प्राप्त दलों के चुनाव खर्च व पार्टी फंड में पारदर्शिता व जवाबदेही लाने के लिए गाइडलाइन लागू की हैं। यह पार्टियां राज्यों के मुख्य चुनाव आयुक्तों को चंदे व खर्च से संबंधित रिपोर्ट देती हैं। हर साल 30 सितंबर को सालाना चंदा रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाती है

अपना देश पार्टी को मिला सबसे अधिक चंदा :- यूपी की अपना देश पार्टी चंदे की रकम पाने में अन्य दलों की तुलना में सबसे भाग्यशाली रही। एडीआर के अनुसार साल 2017-18 व 2018-19 में सबसे ज्यादा उसे 4,300 लोगों ने 65.63 करोड़ रुपया चंदा दिया। यानी हर व्यक्ति ने औसतन डेढ़ लाख रुपए। यह आंकड़ा इन दो वित्त वर्षों में आए कुल दान का 72.88 प्रतिशत था। यूपी के 653 दलों में से 2018-19 में सिर्फ 20 दलों और वर्ष 2017-18 के दौरान 11 दलों ने ही अपनी रिपोर्ट सीईओ की वेबसाइट पर उपलब्ध कराई।

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