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Date: 
10.03.2020
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    • देश के राष्ट्रीय राजनीतिक दलों द्वारा चुनावों व अन्य कार्यों के लिए दानदाताओं से चंदा लेने की बात किसी से नहीं छिपी हुई है। समय-समय पर पार्टियों को मिले चंदे की जानकारी सार्वजनिक भी की जाती है।

      जिसमें यह पता चलता है कि किस पार्टी को किससे कितना चंदा मिला, लेकिन क्या आप जानते हैं कि साल 2004-05 से लेकर 2018-19 के बीच देश की सात राष्ट्रीय पार्टियों को अज्ञात स्रोतों से 11,234 करोड़ रुपये का चंदा मिला है।

    • खुलासा

      ADR की रिपोर्ट में हुआ खुलासा

    • एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक राइट्स (ADR) की ओर से जारी रिपोर्ट में खुलासा किया गया है कि गत 14 सालों में राष्ट्रीय दलों को कुल 11,234.12 करोड़ रुपये का चंदा अज्ञात स्रोतों से मिला है।

      अज्ञात स्रोतों से मिले चंदे का मतलब आयकर रिटर्न में घोषित उस राशि से है जिसमें दानदाता के नाम की जानकारी नहीं दी जाती है और दान की राशि 20,000 से कम होती है। इस राशि का खुलासा चुनावी हलफनामें करना जरूरी नहीं होता है।

    • जानकारी

      अज्ञात स्रोतों में शामिल होती है यह राशि

    • ADR के अनुसार अज्ञात स्रोतों में राजनीतिक दलों को दिए जाने वाले चुनावी बांड, कूपन की बिक्री, राहत कोष, विविध आय, स्वैच्छिक योगदान, बैठक और मोर्चा में दिए गए योगदान की राशि को शामिल किया जाता है।

  • पार्टी

    इन पार्टियों को मिला अज्ञात स्रोतों से चंदा

  • ADR ने इस रिपोर्ट को तैयार करने के लिए सात राष्ट्रीय पार्टियों भाजपा, कांग्रेसतृणमूल कांग्रेस, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP), बहुजन समाज पार्टी और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा चुनाव आयोग को उपलब्ध कराई गई जानकारी का इस्तेमाल किया है।

    इसमें उत्तर प्रदेश की तीन बड़ी पार्टियों में शामिल बसपा को 20,000 रुपये से अधिक या कम का कोई भी चंदा नहीं मिलने की जानकारी दी है।

  • भाजपा

    अज्ञात स्रोतों से भाजपा को मिला सबसे ज्यादा चंदा

  • ADR की रिपोर्ट के अनुसार साल 2018-19 में सात रानजीतिक दलों को कुल 3,749.37 करोड़ रुपये का चंदा मिला था। इसमें अज्ञात स्रोतों से मिले चंदे की राशि 2,512.98 करोड़ रुपये हैं।

    इसमें से भाजपा को सबसे ज्यादा 1,612.04 रुपये का चंदा मिला है। यह राशि अज्ञात स्रोतों से मिले कुल चंदे का 64 प्रतिशत है।

    इसी तरह कांग्रेस को अज्ञात स्रोतों से 728.88 करोड़ रुपये का चंदा मिला है, जो कुल चंदे का 29 प्रतिशत है।

  • जानकारी

    चार पार्टियों को मिले 172 करोड़ रुपये

  • अज्ञात स्रोतों से मिले कुल चंदे की 93 प्रतिशत राशि यानी 2,340.92 करोड़ रुपये अकेली भाजपा और कांग्रेस को मिली है। इसके उलट तृणमूल कांग्रेस, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, NCP और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी को महज 172.06 करोड़ रुपये ही मिले हैं।

  • नकद

    राजनीतिक दलों को पिछले साल नकद में मिला था 951 करोड़ रुपये का चंदा

  • आपको बता दें कि गत 28 फरवरी को ADR ने राजनीतिक दलों को साल 2018-19 में 5,520 दानदाताओं से कुल 951.66 करोड़ रुपये का नकद चंदा मिलने की रिपोर्ट जारी की थी।

    उस रिपोर्ट के अनुसार भाजपा को 4,483 दानदाताओं से कुल 742.15 करोड़ तथा कांग्रेस पार्टी को 605 दानदाताओं कुल 148.58 करोड़ रुपये का चंदा मिला था।

    इस अवधि में कॉरपोरेट सेक्टर के 1,776 दानदाताओं ने कुल 876.11 करोड़ रुपये का चंदा दिया था।

  • पसंद

    कॉरपोरेट सेक्टर की पहली पसंद रही है भाजपा

  • पिछले वित्तीय वर्ष में चंदा देने में भाजपा कॉरपोरेट सेक्टर की पहली पसंद रही है। कॉरपोरेट सेक्टर के 1,575 दानदाताओं ने भाजपा को 698.92 करोड़ रुपये चंदा दिया था, जबकि 2,741 व्यक्तिगत दानदाताओं ने 41.70 करोड़ रुपये का चंदा दिया था।

    इसी तरह कांग्रेस ने वित्त वर्ष 2018-19 के दौरान कॉरपोरेट सेक्टर से 122 दानदाताओं से कुल 122.5 करोड़ और 482 अन्य दाताओं से 25.39 करोड़ रुपये का चंदा हासिल किया था।

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