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15.12.2018
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राजस्थान की 15 वीं विधानसभा के लिए नवनिर्वाचित 199 विधायकों में से 158 'करोड़पति' हैं। साल 2013 के पिछले विधानसभा चुनाव में यह संख्या 145 थी। एडीआर की रिपोर्ट के अनुसार कांग्रेस के 99 में से 82 विधायक, बीजेपी के 73 में से 58 विधायक, बीएसपी के छह में से पांच विधायक तथा 13 में से 11 निर्दलीय विधायक ऐसे हैं।

राजस्थान की 15 वीं विधानसभा के लिए नवनिर्वाचित 199 विधायकों में से 158 'करोड़पति' हैं। साल 2013 के पिछले विधानसभा चुनाव में यह संख्या 145 थी। एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की रिपोर्ट के अनुसार कांग्रेस के 99 में से 82 विधायक, बीजेपी के 73 में से 58 विधायक, बीएसपी के छह में से पांच विधायक तथा 13 में से 11 निर्दलीय विधायक ऐसे हैं जिन्होंने अपनी संपत्ति का मूल्य एक करोड़ रुपये से अधिक बताया है।

आईटी रिटर्न में अपनी कुल संपत्ति घोषित करने वाले धनाढ्यों में परसराम मोरदिया (172 करोड़ रुपये), उदयल आंजना (107 करोड़ रुपये) व रामकेश (39 करोड़ रुपये) है। वहीं सबसे कम संपत्ति दिखाने वाले विधायकों में सबसे युवा विधायक राजकुमार रोत, मुकेश कुमार भाकर व रामनिवास गावरिया है। रिपोर्ट के अनुसार 59 विधायकों ने अपनी शैक्षणिक योग्यता पांचवीं पास से 12वीं पास दिखाई है जबकि 129 विधायकों की घोषित शैक्षणिक योग्यता स्नातक व इससे उपर है। सात विधायकों ने खुद को सिर्फ साक्षर बताया है। 

46 विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामले 
राजस्थान में पंद्रहवीं विधानसभा के लिए चुने गए विधायकों में से 46 ऐसे हैं जिनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हो चुके हैं । राज्य की 200 सीटों वाली विधानसभा की 199 सीटों के लिए मतदान हुआ है । एसोसिएशन आफ डेमोक्रेटिक रिफार्म्स एडीआर की एक रिपोर्ट में यह निष्कर्ष निकाला गया है। इसके अनुसार 2013 में 36 विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामले थे। इसके अनुसार नवनिर्वाचित 199 विधायकों में से 46 ने अपने हल्फनामों में कहा है कि उनके खिलाफ आपराधिक मामले हैं। वहीं 28 के अनुसार उनके खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हो चुके हैं। 

कांग्रेस की ओर से लालसोट सीट से चुनाव लड़ने वाले परसादी लाल के अनुसार उनके खिलाफ हत्या के आरोप का एक मामला दर्ज हो चुका है। कांग्रेस के चार विधायकों के अनुसार उनके खिलाफ हत्या के प्रयास यानी धारा 307 के तहत मामले दर्ज हो चुके हैं। रिपोर्ट में इन विधायकों द्वारा नामांकन के समय दाखिल किए गए हल्फनामों का विश्लेषण किया गया है। इसके अनुसार कांग्रेस के 99 में से 25 विधायकों, बीजेपी के 73 में से 12 विधायकों तथा बीएसपी के छह में से दो विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामले हैं। 

बता दें, राजस्थान में 7 दिसंबर को हुए मतदान में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को सत्ता विरोधी लहर और एससी/एसटी अधिनियम प्रावधानों में किए गए बदलाव के विरोध के चलते 29 सीटों का नुकसान हुआ है। निर्वाचन विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, 2013 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित 59 विधानसभा सीटों में से 50 सीटों पर जीत दर्ज की थी लेकिन 2018 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को ऐसी केवल 21 सीटों पर जीत मिली है।

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