Source: 
Daily Chhattisgarh
https://dailychhattisgarh.com/article-details.php?article=235597&path_article=24
Author: 
Date: 
08.04.2024
City: 
New Delhi

लोकसभा चुनाव के पहले चरण में जिन 102 सीट पर 19 अप्रैल को मतदान होगा उनमें से 42 सीट ऐसी हैं जहां पर तीन या इससे अधिक उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। द एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म (एडीआर) ने अपने विश्लेषण के आधार पर यह जानकारी दी है।

एडीआर ने पहले चरण के लिए नामांकन दाखिल करने वाले 1625 उम्मीदवारों में से 1618 उम्मीदवारों के चुनावी हलफनामे का विश्लेषण किया।

एडीआर द्वारा किए गए हलफनामों के विश्लेषण के अनुसार 1,618 उम्मीदवारों में से 16 प्रतिशत यानी 252 उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं जबकि 10 प्रतिशत यानी 161 उम्मीदवारों पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।

विश्लेषण के मुताबिक सात उम्मीदवारों पर हत्या का मुकदमा दर्ज हैं, जबकि 19 उम्मीदवारों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला है।

एडीआ ने घरेलू चुनाव निगरानी के लिए नागरिक समाज समूहों के गठबंधन, ‘नेशनल इलेक्शन वॉच’ के साथ मिलकर प्रत्याशियों की ओर से नामांकन पत्र के साथ दाखिल हलफनामों का विश्लेषण किया है। इसके मुताबिक 18 उम्मीदवारों ने अपने हलफनामों में महिलाओं के खिलाफ अपराध से संबंधित मामलों की घोषणा की है, और उनमें से एक पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 376 के तहत बलात्कार का आरोप है।

संगठन ने बताया कि 35 उम्मीदवार ऐसे हैं जिनपर घृणा भाषण देने का आरोप है। इसके मुताबिक सात चरणों के लोकसभा चुनाव में पहले चरण में जिन 102 सीट पर 19 अप्रैल को मतदान होगा उनमें से 42 सीट यानी 41 प्रतिशत ‘रेड अलर्ट’ निर्वाचन क्षेत्र हैं।

एडीआर के मुताबिक ‘रेड अलर्ट’निर्वाचन क्षेत्र का अभिप्राय उन सीट से हैं जहां से किस्मत आजमा रहे तीन या उससे अधिक उम्मीदवारों ने अपने हलफनामे में आपराधिक मामले दर्ज होने की घोषणा की है।

विश्लेषण के मुताबिक राष्ट्रीय जनता दल (राजद) द्वारा इस चरण के लिए मैदान में उतारे गए सभी चारों उम्मीदवारों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज है। तमिलनाडु में सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के 22 उम्मीदवारों में से 13 (59 प्रतिशत), समाजवादी पार्टी के घोषित सात उम्मीदवारों में तीन पर (43 प्रतिशत), तृणमूल कांग्रेस के घोषित पांच उम्मीदवारों में दो (40 प्रतिशत), भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा घोषित 77 उम्मीदवारों में से 28 (36 प्रतिशत), कांग्रेस द्वारा घोषित 56 उम्मीदवारों में से 19 (34 प्रतिशत) पर आपराधिक मामला दर्ज है।

इसी प्रकार ऑल इंडिया अन्ना द्रविड मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) की ओर से मैदान में उतारे गए 36 उम्मीदवारों में से 13 (36 प्रतिशत) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) द्वारा घोषित 86 उम्मीदवारों में से 11 (13 प्रतिशत) दागी हैं।

एडीआर ने आपराधिक पृष्ठभूमि के खुलासे के साथ उम्मीदवारों के बीच संपत्ति संबंधी असमानताओं का भी विश्लेषण किया है।

एडीआर ने हलफनामे के हवाले से बताया कि पहले चरण के चुनाव में लगभग 28 प्रतिशत उम्मीदवार ‘करोड़पति’ हैं, जिनकी संपत्ति एक करोड़ रुपये से अधिक है। पहले चरण में किस्मत आजमा रहे उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 4.51 करोड़ रुपये है जो दलों से परे उल्लेखनीय असमानता को उजागर करता है।

हलफनामे के विश्लेषण के मुताबिक राजद के सभी चार उम्मीदवार करोड़पति हैं। अन्नाद्रमु के 36 उम्मीदवारों में 35 (97 प्रतिशत), द्रमुक के 22 में से 21 (96 प्रतिशत), भाजपा के 77 में से 69 (90 प्रतिशत), कांग्रेस के 56 में से 49 (88 प्रतिशत), तृणमूल कांग्रेस के पांच में से चार (80 प्रतिशत)और बसपा के 86 में से 18 (21 प्रतिशत) उम्मीदवार ऐसे हैं जिन्होंने अपनी संपत्ति एक करोड़ रुपये से अधिक होने की जानकारी दी है।

मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार नकुल नाथ ने सबसे अधिक 716 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषित की है। इसके बाद तमिलनाडु के इरोड से अन्नाद्रमुक प्रत्याशी अशोक कुमार ने 662 करोड़ रुपये की संपत्ति होने की जानकारी दी है।

भाजपा के टिकट पर तमिलनाडु के शिवगंगा से किस्मत आजमा रहे देवनाथन यादव टी ने 304 करोड़ रुपये की संपत्ति होने की जानकारी दी है। (भाषा)

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