ADR रिपोर्ट भारतीय राजनीतिक फंडिंग की अस्पष्टता और नियमों के दुरुपयोग पर गंभीर सवाल उठाती है। यह दिखाता है कि कैसे छोटी और गैर-मान्यता प्राप्त पार्टियां, जिनका चुनावी प्रदर्शन नगण्य है, भी बड़े पैमाने पर धन प्राप्त कर रही हैं, और उनमें से अधिकांश अपनी आय का स्रोत भी नहीं बता रही हैं। गुजरात का उदाहरण तो विशेष रूप से चिंताजनक है, जहां बेहद कम वोटों के बावजूद अरबों की आय दर्ज की गई है। यह स्थिति न केवल चुनाव आयोग और आयकर विभाग की निगरानी पर प्रश्नचिह्न लगाती है, बल्कि चुनाव सुधारों की तत्काल आवश्यकता को भी उजागर करती है। पारदर्शिता की कमी ऐसे दलों को काले धन को वैध बनाने का जरिया बना सकती है, जिससे चुनावी प्रक्रिया की शुचिता प्रभावित होती है। मतदाताओं के रूप में हमें यह जानने का अधिकार है कि राजनीतिक दलों को पैसा कहां से मिलता है और वे उसका उपयोग कैसे करते हैं। इस रिपोर्ट से यह स्पष्ट है कि इस क्षेत्र में और अधिक कड़े नियम और प्रभावी प्रवर्तन की आवश्यकता है ताकि लोकतंत्र में धन-बल के अनुचित प्रभाव को रोका जा सके।
एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की एक नई रिपोर्ट में देश की गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक पार्टियों की आय में 2022-23 के दौरान 223 प्रतिशत की चौंकाने वाली वृद्धि का खुलासा हुआ है। इन पार्टियों ने नाममात्र के वोट हासिल किए, लेकिन उनकी आय में बेतहाशा इजाफा हुआ है।
रिपोर्ट के अनुसार, भारत में कुल 2,764 ऐसी पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त पार्टियां हैं। इनमें से 73 प्रतिशत से अधिक (यानी 2,025 पार्टियों) ने अपना वित्तीय रिकॉर्ड सार्वजनिक नहीं किया है। वहीं, जिन 739 पार्टियों का विश्लेषण किया गया, उनके आंकड़े हैरान करने वाले हैं।
गुजरात का हैरान करने वाला मामला
रिपोर्ट में गुजरात का एक विशेष मामला सामने आया है, जहां 5 पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक पार्टियों ने बीते 5 सालों में हुए 3 चुनावों में सिर्फ 22,000 वोट हासिल किए, फिर भी उनकी कुल आय 2,316 करोड़ रुपये रही। इनमें से एक साल की आमदनी तो 1,158 करोड़ रुपये बताई गई है। इन दलों ने 2019 से 2024 के बीच दो लोकसभा और एक विधानसभा चुनाव में कुल 17 उम्मीदवार उतारे, लेकिन किसी को भी जीत नहीं मिली। इनमें से चार दल तो 2018 के बाद ही पंजीकृत हुए हैं।
सर्वाधिक चंदा पाने वाली 5 पार्टियां (2022-23):
पार्टी का नाम
कुल वोट
कुल कमाई (करोड़ में)
भारतीय नेशनल जनता दल
11,496
957
न्यू इंडिया यूनाइटेड पार्टी
9,029
608
सत्यवादी रक्षक पार्टी
1,042
416
जन मन पार्टी
480
134
सौराष्ट्र जनता पार्टी
140
200
सर्वाधिक गैर-मान्यता प्राप्त पार्टियों वाले राज्य:
राज्य
पार्टियों की संख्या
जानकारी नहीं दी (पार्टियां)
उत्तर प्रदेश
744
71
दिल्ली
240
168
तमिलनाडु
230
180
महाराष्ट्र
216
161
बिहार
184
117
आंध्र प्रदेश
129
89
मध्य प्रदेश
107
65
हरियाणा
102
77
गुजरात
95
59
कर्नाटक
92
56
वित्तीय जानकारी देने वाली और न देने वाली पार्टियां:
- कुल गैर-मान्यता प्राप्त पार्टियां: 2764
- जानकारी दी: 739
- जानकारी नहीं दी: 2025
