Source: 
Hindi Money Control
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Author: 
MONEYCONTROL NEWS
Date: 
03.05.2024
City: 

Lok Sabha Election 2024 Phase 3: लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण में चुनाव लड़ रहे कुल 1,352 उम्मीदवारों में से कम से कम 29 प्रतिशत करोड़पति हैं। तीसरे चरण में 7 मई को 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की 94 सीटों पर मतदान होगा। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) के एक विश्लेषण के अनुसार, लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण में चुनाव लड़ने वाले प्रति उम्मीदवार की औसत संपत्ति ₹5.66 करोड़ है

लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण के लिए मतदान 7 मई को 94 संसदीय क्षेत्रों में होगा, जिसमें 10 राज्य और दो केंद्र शासित प्रदेश शामिल होंगे। मतदान के पहले दो चरणों में फेज 1 (19 अप्रैल) में 66.14 प्रतिशत और चरण 2 (26 अप्रैल) में 66.71 प्रतिशत मतदान हुआ। तीसरे चरण में जिन राज्यों में मतदान होगा वे हैं- असम (4 सीटें), बिहार (5), छत्तीसगढ़ (7), गोवा (2), गुजरात (26), कर्नाटक (14), मध्य प्रदेश (8) , महाराष्ट्र (11), उत्तर प्रदेश (10), पश्चिम बंगाल (4), जम्मू और कश्मीर (1), दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव (2)।

लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण में चुनाव लड़ रहे कुल 1,352 उम्मीदवारों में से कम से कम 29 प्रतिशत करोड़पति हैं। तीसरे चरण में 7 मई को 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की 94 सीटों पर मतदान होगा। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) के एक विश्लेषण के अनुसार, लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण में चुनाव लड़ने वाले प्रति उम्मीदवार की औसत संपत्ति ₹5.66 करोड़ है।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के दक्षिण गोवा निर्वाचन क्षेत्र से सबसे अमीर उम्मीदवार पल्लवी श्रीनिवास डेम्पो के पास ₹1,361 करोड़ की संपत्ति है। इसके बाद मध्य प्रदेश के गुना से चुनाव लड़ रहे केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य एम सिंधिया के पास ₹424 करोड़ की संपत्ति है।

अमित शाह से लेकर प्रल्हाद जोशी तक, 7 मई को चल रहे लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण में मैदान में ताल ठोक रहे हैं। वोटों की गिनती 4 जून को होगी। आइए एक नजर डालते हैं, फेज-3 के सभी प्रमुख उम्मीदवारों पर...

अमित शाह (गांधीनगर) : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह गांधीनगर से फिर से चुनाव जीतने के लिए मैदान में हैं। ये सीट पहले लालकृष्ण आडवाणी जैसे बीजेपी के दिग्गज नेता के पास थी। 2019 के लोकसभा चुनाव में, शाह ने प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस उम्मीदवार सीजे चावड़ा को 5.57 लाख से ज्यादा वोटों से हराया। इस बार शाह का मुकाबला कांग्रेस नेता सोनल पटेल से है।

डिंपल यादव (मैनपुरी): तीन बार की सांसद और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव पारिवारिक गढ़ मैनपुरी से चुनाव लड़ रही हैं। डिंपल यादव ने अपने ससुर मुलायम सिंह यादव की मृत्यु के बाद 2022 में निर्वाचन क्षेत्र में हुए उपचुनाव में जीत हासिल की, मुलायम यहां से मौजूदा सांसद थे। उनका मुकाबला बीजेपी के मंत्री जयवीर सिंह और बहुजन समाज पार्टी के शिव प्रसाद यादव से होगा।

सुनेत्रा पवार (बारामती): बारामती इस साल लोकसभा चुनाव में महाराष्ट्र की सबसे ज्यादा देखी जाने वाली सीटों में से एक है। डिप्टी सीएम अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार का मुकाबला शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले से है। 2019 के लोकसभा चुनाव में सुले ने 52.63% वोट शेयर के साथ लोकसभा सीट जीती, जबकि बीजेपी की कंचन राहुल कुल ने 40.69% वोट हासिल किए।

सुप्रिया सुले (बारामती): NCPC प्रमुख शरद पवार की बेटी ने 2006 में राज्यसभा सदस्य के रूप में राजनीति में एंट्री किया। 2009 से वह बारामती में लगातार लोकसभा चुनाव जीतती रही हैं। उनके चुनावी हलफनामे के अनुसार, एस सुले की कुल संपत्ति 166.5 करोड़ रुपए से ज्यादा है, जो 2019 में 127.8 करोड़ रुपए थी। उनका मुकाबला अपनी भाभी और अजीत पवार की पत्नी सुनेत्रा से है, जो चुनाव में डेब्यू कर रही हैं।

ज्योतिरादित्या सिंधिया (गुना): ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में गुना में बीजेपी उम्मीदवार ज्योतिरादित्या सिंधिया और कांग्रेस नेता राव यादवेंद्र सिंह के बीच सीधा मुकाबला होगा। 2019 में, बीजेपी उम्मीदवार कृष्ण पाल सिंह ने सिंधिया के खिलाफ बड़े अंतर से जीत हासिल की थी, जो उस समय कांग्रेस के साथ थे।

शिवराज सिंह चौहान (विदिशा): विदिशा से पांच बार सांसद रहे, चौहान 2005 से दिसंबर 2023 तक चार कार्यकालों तक मध्य प्रदेश के सबसे लंबे समय तक रहने वाले मुख्यमंत्री बन गए। उनका मुकाबला कांग्रेस उम्मीदवार प्रताप भानु शर्मा से है।

बीवाई राघवेंद्र (शिवमोग्गा): बीजेपी ने अपने मौजूदा सांसद बीवाई राघवेंद्र को मैदान में उतारा है, जबकि कांग्रेस ने गीता शिवराजकुमार को अपना उम्मीदवार बनाया है। राघवेंद्र कर्नाटक के पूर्व सीएम बीएस येदियुरप्पा के बेटे हैं। राघवेंद्र तीन बार शिवमोग्गा से संसद के लिए चुने गए हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव और 2018 के उपचुनाव में, उन्होंने गीता के भाई मधु बंगारप्पा को हराया, जो अब सिद्धारमैया के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार में मंत्री हैं।

प्रह्लाद जोशी (धारवाड़): ये संसदीय क्षेत्र बीजेपी और कांग्रेस के बीच सीधी लड़ाई के लिए तैयार है और दोनों जनसांख्यिकी रूप से मजबूत वीरशैव-लिंगायत समुदाय को लुभाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी 2004 से लगातार चार बार से जीतते आ रहे हैं। उनका मुकाबला कांग्रेस के 34 साल के OBC नेता विनोद आसुती से है। कांग्रेस ने 1998 के बाद पहली बार धारवाड़ में गैर-लिंगायत उम्मीदवार को मैदान में उतारा है।

राधाकृष्ण दोड्डामणि (गुलबर्गा): कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे के दामाद राधाकृष्ण दोड्डामणि एक बिजनेसमैन हैं, जो कथित तौर पर शैक्षणिक संस्थानों का मैनेजमेंट भी करते हैं। उनके खिलाफ बीजेपी ने मेडिकल सर्जन उमेश जाधव को मैदान में उतारा है, जिन्होंने 2019 में खड़गे को हराया था।

श्रीपद नाइक (उत्तरी गोवा): बीजेपी उम्मीदवार नाइक पांच बार के सांसद हैं, जो छठी बार अपना सातवां संसदीय चुनाव लड़ रहे हैं। केंद्रीय पर्यटन और बंदरगाह राज्य मंत्री नाइक का मुकाबला कांग्रेस उम्मीदवार रमाकांत खलाप से है। नाइक ने 1999 में खलाप को हराकर पहली बार 36,000 वोटों के अंतर से सीट जीती थी।

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