Source: 
Nav Bharat Times
https://navbharattimes.indiatimes.com/state/bihar/patna/nitish-kumar-jdu-on-top-in-terms-of-donation-raised-more-than-60-crores-in-2021/articleshow/93247819.cms
Author: 
Madan Kumar
Date: 
31.07.2022
City: 
Patna

चंदा जुटाने के मामले बिहार की सत्ताधारी पार्टी जेडीयू देश की 54 क्षेत्रीय दलों में नंबर एक है। पिछले साल (वित्तीय वर्ष 2020-21) उसने 60 करोड़ 15 लाख रुपए की दान मिली। दूसरे स्थान पर डीएमके और तीसरे स्थान पर अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी रही। देश के कुल 207 कॉर्पोरेट घरानों की ओर से इन्हें चंदा दिया गया।

 बिहार के सीएम नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू ने चंदा जुटाने के मामले में पूरे देश में टॉप किया है। वित्तीय वर्ष 2020-21 में 60 करोड़ 15 लाख रुपए मिले। एक दिन के लिहाज से देखें तो ये 16 लाख 47 हजार 945 रुपए पड़ता है। जबकि साल 2021 कोरोना महामारी के लिए इतिहास में याद किया जाएगा। मतलब कोरोना महामारी वाले साल में जेडीयू को जबर्दस्त चंदा मिला। देश के 54 क्षेत्रीय दलों में सबसे ज्यादा डोनेशन जनता दल यूनाइटेड को मिला। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) ने एक रिपोर्ट में कहा कि डीएमके 33.99 करोड़ और आप 11.32 करोड़ रुपए के साथ दूसरे और तीसरे स्थान पर रही।

चंदा जुटाने के मामले में टॉप पर JDU

देश के 54 क्षेत्रीय दलों में जेडीयू ने कोरोना महामारी वाले साल में (2021) सबसे ज्यादा चंदा जुटाने में कामयाबी हासिल की। उसे 60 करोड़ 15 लाख रुपए मिले। दूसरे स्थान पर तमिलनाडु की पार्टी डीएमके (33.99 करोड़) रही जबकि तीसरे स्थान पर दिल्ली की पार्टी आप (11.32) रही। इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) को 4 करोड़ 16 लाख रुपए मिले। वहीं, तेलंगाना राष्ट्र समिति (TRS) को 4.15 करोड़ रुपए का चंदा मिला। इन पांच क्षेत्रीय दलों ने चंदे के बड़े हिस्से पर कब्जा किया।

2021 में 207 कॉर्पोरेट घरानों ने दिए चंदे

एडीआर की रिपोर्ट से पता चला है कि कॉर्पोरेट/व्यावसायिक क्षेत्र से जुड़े 207 घरानों ने क्षेत्रीय दलों को 95.45 करोड़ रुपए दिए। जबकि 2,569 व्यक्तिगत दानदाताओं ने 25.57 करोड़ का मदद दिया। जेडीयू को कॉरपोरेट/व्यावसायिक क्षेत्र से जुड़े 58 घरानों से 59.24 करोड़ रुपए मिले। वहीं, 272 व्यक्तिगत दानदाताओं से 90 लाख रुपये से अधिक की राशि मिली। ये रिपोर्ट क्षेत्रीय राजनीतिक दलों की ओर से 2020-21 में चुनाव आयोग (ईसी) को घोषित किए गए चंदे पर आधारित है। 

RJD ने अब तक नहीं दिया चंदा डिटेल

राजनीतिक दलों को एक वित्तीय वर्ष में किसी भी व्यक्ति से 20 हजार रुपए से अधिक के योगदान की डिटेल के साथ एक रिपोर्ट तैयार करनी होती है। ताकि वो 100% टैक्स छूट प्राप्त हो सके। जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 29सी (1) के तहत ऐसा करना जरूरी है। एडीआर ने कहा कि बिहार के अन्य क्षेत्रीय दलों जैसे राजद, आरएलएसपी (अब जद-यू में विलय) और लोजपा की चंदा रिपोर्ट चुनाव आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध नहीं थी। झारखंड मुक्ति मोर्चा-झारखंड में पार्टी के कार्यालय-साथ ही एनडीपीपी, देसिया मुरपोक्कू द्रविड़ कड़गम और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी ने अभी तक उन्हें मिले चंदे की राशि की घोषणा नहीं की है।

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