Source: 
IBN Khabar
http://khabar.ibnlive.in.com/news/118003/17/
Date: 
26.03.2014
City: 
New Delhi

नई दिल्ली। IBN7 और ADR यानी एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म ने अलग-अलग सांसदों का सर्वे कर उनका रिपोर्ट कार्ड तैयार किया है। इस सर्वे के आधार पर हमने सांसदों को 10 अंकों के पैमाने पर कई तरह की कसौटियों पर कसा है। आईए जानते हैं ऐसी तमाम कसौटियों पर अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर के काम को उनके क्षेत्र बठिंडा की जनता कितना अच्छा या खराब मानती है।

पंजाब के उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल की पत्नी हरसिमरत कौर पहली बार 2009 में अकाली दल के टिकट पर बठिंडा से चुनकर संसद में आईं। हरसिमरत टैक्सटाइल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएट हैं। हरसिमरत के भाई बिक्रम सिंह मजीठिया भी मजीठा से अकाली दल के विधायक हैं। संसद में पहली बार हरसिमरत ने अपनी मौजूदगी का अहसास 3 दिसंबर 2009 के अपने भाषण से कराया जब वो 1984 के सिख दंगों के पीड़ितों के बारे में मुखर होकर बोलीं।

कितने नंबर मिले

जनता के अपने माननीय सांसद तक पहुंच के मामले में हरसिमरत को 10 के पैमाने पर 3.59 अंक मिले हैं। नौजवानों को रोजगार मुहैया कराने के मुद्दे पर 3.41 अंक तो, चिकित्सा व्यवस्था के नाम पर बठिंडा ने हरसिमरत को 10 में से 3.47 अंक दिए। कानून व्यवस्था को लेकर बठिंडा की जनता ने हरसिमरत को 3.49 अंक ही दिए। सार्वजनिक परिवहन सुविधा के नाम पर 3.54 अंक मिले तो सड़कों के नाम पर 4.03 अंक हैं।

स्कूल की सुविधा के मामले में3.87अंक मिले तो पीने के पानी को लेकर हरसिमरत को 4.29 अंक मिले, महिला सुरक्षा के नाम पर बठिंडा की जनता ने को 10 में से 3.44 अंक दिए हैं। जहां तक सांसद पर भरोसे का सवाल है तो हरसिमरत को 3.63 अंक मिले। इन तमाम मुद्दों और कसौटियों पर बतौर सांसद हरसिमरत को 10 के पैमाने पर फाइनल रेटिंग मिली 3.62। यानी बतौर सांसद हरसिमरत का काम बेहद खराब और निराशाजनक रहा।

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