एडीआर की नई रिपोर्ट में असम की राजनीति का बड़ा सच सामने आया है। असम कैबिनेट पर आई एडीआर रिपोर्ट ने करोड़पतियों की एंट्री और एक मंत्री पर आपराधिक मामले के साथ कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
असम की नई कैबिनेट को लेकर एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की एक रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें मंत्रियों की संपत्ति और पृष्ठभूमि से जुड़े अहम खुलासे किए गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, असम के सभी पांच मंत्री करोड़पति हैं और एक मंत्री ने अपने खिलाफ आपराधिक मामला घोषित किया है।
सबसे ज्यादा संपत्ति और कर्ज किस मंत्री के पास?
एडीआर रिपोर्ट के अनुसार असम कैबिनेट के सभी पांच मंत्री करोड़पति श्रेणी में आते हैं। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की संपत्ति सबसे अधिक ₹35.16 करोड़ बताई गई है, जबकि उन्होंने ₹16.86 करोड़ की देनदारी भी घोषित की है। रिपोर्ट में बताया गया है कि सभी मंत्रियों की औसत संपत्ति लगभग ₹10.99 करोड़ है, जो उनके आर्थिक स्तर को दर्शाती है।
एक मंत्री पर आपराधिक मामला दर्ज
रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि मंत्री अतुल बोरा ने अपने खिलाफ आपराधिक मामला घोषित किया है। यह मामला भारतीय दंड संहिता की धारा 409 के तहत लोक सेवक द्वारा आपराधिक विश्वासघात से जुड़ा है। हालांकि रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यह जानकारी उम्मीदवारों द्वारा दिए गए शपथपत्रों पर आधारित है।
सरकार के मंत्रियों की शिक्षा और महिला भागीदारी कितनी?
एडीआर रिपोर्ट के मुताबिक, 5 में से 4 मंत्रियों ने स्नातक या उससे अधिक योग्यता घोषित की है, जबकि एक मंत्री ने अपनी शैक्षिक योग्यता 10वीं पास बताई है। कैबिनेट में महिला प्रतिनिधित्व की बात करें तो इस बार केवल एक महिला मंत्री शामिल हैं, जो कि कुल मंत्रियों का 20 प्रतिशत है।
आयु और संपत्ति का विवरण
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 80 प्रतिशत मंत्री 51 से 70 वर्ष आयु वर्ग में आते हैं, जबकि एक मंत्री की आयु 46 वर्ष है। सबसे अधिक संपत्ति मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के पास है, जबकि सबसे कम संपत्ति ₹3.17 करोड़ रामेश्वर तेली के पास बताई गई है। एडीआर रिपोर्ट के अनुसार 5 में से 3 मंत्रियों ने अपनी देनदारियां घोषित की हैं। कुल मिलाकर कैबिनेट की वित्तीय प्रोफाइल में संपत्ति और देनदारी दोनों का स्पष्ट विवरण सामने आया है।
