ADR report Bihar cabinet: बिहार के नए मंत्रिमंडल पर आई ADR की रिपोर्ट ने राजनीति में आपराधिक मामलों, संपत्ति और शिक्षा को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है. एक तरफ बड़ी संख्या में करोड़पति और शिक्षित मंत्री हैं, तो दूसरी तरफ कई मंत्रियों पर गंभीर आपराधिक मामले भी दर्ज हैं.
बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाले नए मंत्रिमंडल के गठन के बाद एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) और बिहार इलेक्शन वॉच ने मंत्रियों के बैकग्राउंड को लेकर अपनी ताजा रिपोर्ट जारी कर दी है. कुल 35 मंत्रियों में से 31 मंत्रियों के चुनावी हलफनामों के विश्लेषण के आधार पर तैयार इस रिपोर्ट ने बिहार की सियासत में सियासतदानों को लेकर बहस तेज कर दी है. रिपोर्ट के मुताबिक, सूबे के लगभग आधे मंत्रियों का दामन दागदार है, वहीं दूसरी तरफ कैबिनेट के लगभग सभी सदस्य करोड़ों की संपत्ति के मालिक हैं. इनकी शिक्षा को लेकर भी प्रश्न खड़े हो रहे हैं.
दागी चेहरों से सजी नई कैबिनेट
ADR की रिपोर्ट के अनुसार, बिहार मंत्रिमंडल के 31 मंत्रियों में से 15 मंत्रियों (लगभग 48 प्रतिशत) ने अपने ऊपर आपराधिक मामले घोषित किए हैं. इससे भी अधिक चिंताजनक बात यह है कि इनमें से 9 मंत्रियों (लगभग 29 प्रतिशत) ने अपने खिलाफ हत्या के प्रयास (IPC धारा-307) जैसे गंभीर आपराधिक मामले दर्ज होने की बात स्वीकार की है.
एडीआर रिपोर्ट के पार्टीवार आंकड़े
अगर पार्टीवार आंकड़ों को देखें तो भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सबसे अधिक 7 मंत्रियों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें से 5 मंत्रियों पर गंभीर धाराएं लगी हैं. वहीं जनता दल यूनाइटेड (JDU) के 5 मंत्रियों पर आपराधिक और 2 मंत्रियों पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं. इसके अलावा हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) के प्रमुख जीतन राम मांझी के पुत्र संतोष कुमार सुमन और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के दोनों मंत्रियों ने भी अपने ऊपर आपराधिक मामले घोषित किए हैं.
90 प्रतिशत मंत्री करोड़पति हैं
अपराध के साथ-साथ बिहार के मंत्रियों की आर्थिक स्थिति भी बेहद मजबूत दिखाई दे रही है. रिपोर्ट के मुताबिक, मंत्रिमंडल के 90 प्रतिशत मंत्री करोड़पति हैं. बीजेपी के 15 में से 13 मंत्री और जदयू के सभी 13 मंत्री (100%) करोड़पति की सूची में शामिल हैं. इसके साथ ही ‘हम’ पार्टी के मंत्री संतोष कुमार सुमन और लोजपा (रामविलास) के मंत्री भी करोड़पति हैं.
BJP की रमा निषाद सबसे अमीर
इस पूरे मंत्रिमंडल में सबसे अमीर विधायक और मंत्री होने का गौरव भारतीय जनता पार्टी की रमा निषाद को मिला है. औराई विधानसभा क्षेत्र से आने वालीं पिछड़ा एवं अति पिछड़ा कल्याण मंत्री रमा निषाद कुल 31.85 करोड़ रुपये की घोषित संपत्ति के साथ इस कैबिनेट की सबसे धनी सदस्य हैं. मंत्रियों की इस भारी-भरकम संपत्ति के कारण पूरी कैबिनेट की औसत संपत्ति करोड़ों में आंकी गई है.
मंत्रियों की पढ़ाई-लिखाई का लेखा-जोखा
अपराध और पैसे के अलावा ADR ने मंत्रियों की शैक्षणिक योग्यता का भी विश्लेषण किया है. रिपोर्ट के अनुसार, बिहार के 22 मंत्री (लगभग 77 प्रतिशत) ग्रेजुएट या उससे अधिक शैक्षणिक योग्यता रखते हैं. वहीं, मंत्रिमंडल के 8 मंत्रियों ने अपनी योग्यता 10वीं से लेकर 12वीं पास के बीच घोषित की है. इसके अतिरिक्त, कैबिनेट में एक मंत्री डिप्लोमा धारक भी हैं.
क्या कहती है मंत्रियों की कुंडली?
यह रिपोर्ट स्पष्ट बताती है कि बिहार की नई सरकार में जहां एक तरफ उच्च शिक्षित और बेहद अमीर चेहरों को जगह मिली है, वहीं दूसरी तरफ दागी पृष्ठभूमि वाले नेताओं का दबदबा भी कैबिनेट में बरकरार है. ऐसे में यह रिपोर्ट राजनीतिक दलों की उम्मीदवार चयन प्रक्रिया और चुनावी पारदर्शिता को लेकर कई सवाल खड़े करती है.
