Source: 
Raftaar
Author: 
Date: 
03.03.2022
City: 
Lucknow

उत्तर प्रदेश में सातवें और अंतिम चरण के विधानसभा चुनाव में 28 फीसदी आपराधिक उम्मीदवार हैं। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) द्वारा जारी एक विश्लेषण रिपोर्ट के अनुसार, अंतिम चरण में 607 उम्मीदवारों में से 170 उम्मीदवारों ने अपने हलफनामे में अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए हैं। इनमें से 131 उम्मीदवारों के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले हैं। आपराधिक पृष्ठभूमि वाले 45 में से 26 उम्मीदवारों के साथ समाजवादी पार्टी फिर से आपराधिक उम्मीदवारों की सूची में आगे चल रही है। भाजपा के कुल 47 में से 26 उम्मीदवार हैं और बसपा के 52 में से 20 उम्मीदवार हैं। कांग्रेस ने 54 में से 20 आपराधिक उम्मीदवार उतारे हैं और 47 में से 8 उम्मीदवार आप के हैं। ग्यारह उम्मीदवारों ने महिलाओं के खिलाफ अपराध से संबंधित मामले घोषित किए हैं और दो पर बलात्कार से संबंधित मामले (आईपीसी धारा-376) हैं। सात उम्मीदवारों ने अपने खिलाफ हत्या (आईपीसी की धारा-302) से संबंधित मामले घोषित किए हैं और 25 उम्मीदवारों ने हत्या के प्रयास से संबंधित मामले घोषित किए हैं। अंतिम चरण के चुनाव में आपराधिक उम्मीदवारों की संख्या के आधार पर 54 में से 35 निर्वाचन क्षेत्रों को रेड अलर्ट निर्वाचन क्षेत्र घोषित किया गया है।

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