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Date: 
31.01.2015
City: 
New Delhi

नई दिल्ली। पाक साफ राजनीति की बात करने वाली आम आदमी पार्टी (आप) ने भी दिल्ली विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करने के लिए आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों को उतारने से गुरेज नहीं किया है। शुक्रवार को जारी रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव मैदान में उतरे आप के 70 उम्मीदवारों में से 14 (20 फीसद) ऐसे हैं, जिनके खिलाफ अलग-अलग इलाके में गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। जबकि कुल दागदार उम्मीदवारों की संख्या 117 है। केजरीवाल ने उठाए ईवीएम पर सवाल हालांकि, मैदान में उतरे भाजपा व कांग्रेस के 17 व 11 उम्मीदवारों के खिलाफ भी गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। मगर, इन राजनीतिक दलों से अलग होने का दावा करने वाली आप के प्रत्याशियों की संख्या जिस तरह सामने आईं है, यह पार्टी के टिकट बंटवारे को लेकर कथनी और करनी को उजागर करता है।

दिल्ली इलेक्शन वॉच और एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफार्म (एडीआर) ने विस चुनाव में उतरे 673 उम्मीदवारों द्वारा नामांकन के दौरान दिए गए शपथ पत्र के आधार पर तैयार रिपोर्ट को जारी किया, जिसमें उम्मीदवारों द्वारा घोषित वित्तीय, आपराधिक व अन्य विवरणों का विश्लेषण है। बदलाव के लिए वोट डालेंगी सेक्स वर्कर 117 के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज : रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव लडऩे वाले कुल 673 उम्मीदवारों में से 117 ऐसे हैं, जिनके खिलाफ अलग-अलग थाने में आपराधिक मामले दर्ज हैं। 74 उम्मीदवारों के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामलें दर्ज हैं। आठ उम्मीदवारों ने अपने ऊपर महिलाओं से अत्याचार संबंधित मामले की जानकारी शपथ पत्र में दी है। इनमें से तीन उम्मीदवारों ने अपने ऊपर भारतीय दंड संहिता (आइपीसी) की धारा 354 (स्त्री की लज्जा भंग करने के आशय से या आपराधिक बल का प्रयोग), तीन प्रत्याशियों ने महिला से अनादर करने संबंधित धारा में मामला चलने की जानकारी दी है। एक प्रत्याशी ने अपने ऊपर हत्या और पांच ने अपने ऊपर हत्या के प्रयास से संबंधित मामले घोषित किए हैं। करोड़पतियों की तादात बढ़ी : वर्ष 2008 में दिल्ली विधानसभा चुनाव लडऩे वालों में से 23 फीसद करोड़पति उम्मीदवार मैदान में थे। वहीं दिसंबर, 2013 में हुए चुनाव में करोड़पति उम्मीदवारों की संख्या 33 फीसद हो गई। महज 14 महीने बाद हो रहे चुनाव के लिए अभी जो 673 प्रत्याशी मैदान में हैं, उनमें करोड़पति उम्मीदवारों की संख्या 34 फीसद है। 673 में से 62 (9 फीसद) उम्मीदवारों ने अपनी संपत्ति 10 करोड़ से अधिक घोषित की है। जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस के 70 उम्मीदवारों की घोषित कुल संपत्ति 9.60 करोड़ रुपये, आप के 5.89 करोड़, बसपा के 2.16 करोड़ तथा भाजपा के 69 उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 7.96 करोड़ रुपये हैं। ठन-ठन गोपाल उम्मीदवार : सुशील कुमार मिश्रा बुराड़ी विधानसभा सीट से अखिल भारत हिंदू महासभा के टिकट से चुनाव लड़ रहे हैं। वह एकमात्र ऐसे प्रत्याशी हैं, जिन्होंने अपनी संपत्ति शून्य घोषित की है। इधर, मटियाला सीट से श्रेष्ठतम राष्ट्र पार्टी के चुनाव लडऩे वाले रामचरण साहनी ने अपनी संपत्ति मात्र सौ रुपये घोषित की है। सबसे ज्यादा बढ़ी कांग्रेस नेता हारून यूसुफ की संपत्ति महज 14 माह बाद दोबारा हो रहे चुनाव में जिन नेताओं की संपत्ति में हुई बढ़ोतरी - मनजिंदर सिंह सिरसा (राजौरी गार्डन- शिरोमणि अकाली दल) - 235 से 239 करोड़ रामवीर सिंह बिधूड़ी (बदरपुर- भाजपा) - 12 से 15 करोड़ हारून यूसुफ (बल्लीमारान- कांग्रेस) - 1 से तीन करोड़ कुलवंत राणा (रिठाला- भाजपा) - 5 से बढ़कर आठ करोड़ देवेंद्र यादव (बादली- कांग्रेस) - 27 से 29 करोड़ शैक्षिक पृष्ठभूमि : चुनाव मैदान में उतरे 673 उम्मीदवारों में से 373 (56 फीसद) उम्मीदवार ऐसे हैं जो महज 12 वीं तक पढ़े हुए हैं। जबकि 265 (39 फीसद) उम्मीदवारों की शैक्षिक योग्यता स्नातक और इससे अधिक घोषित की है। 11 उम्मीदवार ऐसे हैं जिन्होंने पीएचडी तक की पढ़ाई की है और 26 निरक्षर हैं।
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