Corporate funding for political parties: देश में क्षेत्रीय राजनीतिक दलों की फंडिंग के लिए कॉर्पोरेट घराने बड़े तारणहार बने हुए हैं. पिछले 2 साल में महज 5 क्षेत्रीय दलों ने उद्योगपतियों से 800 करोड़ रुपये से ज्यादा का चंदा बंटोरा. यह खुलासा ADR की ताजा रिपोर्ट में हुआ है.
Which Regional Political Party Received Highest Donations? राजनीतिक चंदा हासिल करने वाले क्षेत्रीय दलों में डीएमके (DMK) सबसे टॉप पर रही. उसने वर्ष 2024-25 में विभिन्न स्रोतों से 365.784 करोड़ रुपये हासिल किए. इसके बाद दूसरे स्थान पर पश्चिम बंगाल की पूर्व सत्तारूढ़ पार्टी ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (AITC) रही. उसे इसी अवधि में 184.96 करोड़ रुपये का चंदा मिला. यह जानकारी एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की ओर से किए गए एक विश्लेषण में सामने आई है.
टीएमसी को 99 प्रतिशत फंड चेक और डीडी से मिला
रिपोर्ट के मुताबिक, तृणमूल कांग्रेस को मिले चंदे का 99 प्रतिशत से अधिक हिस्सा चेक और डिमांड ड्राफ्ट के जरिए आया, जिसमें दानदाताओं के अधूरे विवरण थे. इसके विपरीत, डीएमके का 82.2 प्रतिशत दान नकद में प्राप्त हुआ, जिसके बाद 50.16 करोड़ रुपये बैंक हस्तांतरण (बैंक ट्रांसफर) के माध्यम से आए.
जिन क्षेत्रीय दलों को राजनीतिक चंदा मिला, उनमें वाईएसआर कांग्रेस तीसरे, तेलुगु देशम पार्टी (TDP) चौथे और अन्नाद्रमुक (AIADMK) पांचवे स्थान पर रही. इन सभी पार्टियों को अधिकांश चंदे कॉर्पोरेट घरानों से आए.
कॉरपोरेट घरानों ने दलों को की सामूहिक फंडिंग
ADR ने यह विश्लेषण वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान क्षेत्रीय राजनीतिक दलों की ओर से चुनाव आयोग को भेजी रिपोर्ट के आधार पर किया है. इस काम को अंजाम देने के लिए संस्था ने वित्तीय वर्ष 2023-24 और 2024-25 के दौरान क्षेत्रीय राजनीतिक दलों को मिले 20 हजार रुपये से ऊपर के दान को शामिल किया.
रिपोर्ट के अनुसार, देश में ऐसे कुछ दानदाता हैं, जो सभी दलों को चंदा बांटते हैं. वर्ष 2025 में टॉप-10 दानदाताओं की ओर से सामूहिक फंडिंग 2024-25 में काफी बढ़ी है. वर्ष 2023-24 में उन दानदाता कंपनियों ने 31 दानों के जरिए 238.50 करोड़ रुपये बांटे थे. जबकि अगले साल 43 दानों के जरिे 594 करोड़ रुपये राजनीतिक दलों को दिए गए. इससे दान के मूल्य में 149 प्रतिशत और दान की संख्या में 45 प्रतिशत की वृद्धि का पता चलता है.
क्षेत्रीय दलों में डीएमके ने बंटोरा सबसे ज्यादा फंड
विश्लेषण के अनुसार, दान लेने के मामले में डीएमके सभी क्षेत्रीय दलों में अव्वल रहा. उसने 2023-24 में 344.222 करोड़ रुपये दान हासिल किया था, जो 2024-25 में बढ़कर 365.784 करोड़ रुपये हो गया.
जबकि तृणमूल कांग्रेस ने 2023-24 में 178.536 करोड़ रुपये दान लिया, जो 2024-25 में बढ़कर 184.96 करोड़ रुपये हो गया. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 2024-25 के दौरान राजनीतिक फंडिंग कुछ ही क्षेत्रीय राजनीतिक दलों के बीच केंद्रित रही. सबसे ज्यादा दान हासिल करने वाले 5 क्षेत्रीय दलों में डीएमके, एआईटीसी, वाईएसआर कांग्रेस, टीडीपी और अन्नाद्रमुक रहे. उन्हें 2024-25 के दौरान कुल मिलाकर 840.1264 करोड़ रुपये मिले, जो इस अवधि में प्राप्त कुल दान का 79.9 प्रतिशत था.
उद्योगपतियों ने दिया 872.538 करोड़ रुपये का दान
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इन राजनीतिक दलों को सबसे ज्यादा फंडिंग कॉर्पोरेट सेक्टर से मिली. कॉर्पोरेट और व्यावसायिक घराने ने उन्हें 872.538 करोड़ रुपये का दान दिया, जो क्षेत्रीय राजनीतिक दलों की ओर से हासिल कुल दान का 62.36 प्रतिशत था, जबकि व्यक्तिगत दानदाताओं से उन्हें 193.946 करोड़ रुपये यानी 13.86 प्रतिशत का योगदान मिला.
ADR ने अपनी रिपोर्ट ECI डेटा का हवाला दिया, जिसके अनुसार, क्षेत्रीय राजनीतिक दलों ने 2023-24 और 2024-25 की संयुक्त अवधि में 20 हजार रुपये से अधिक के कुल 8158 दानों की घोषणा की, जो 1,399.249 करोड़ रुपये थे.
