यह रिपोर्ट राज्यसभा के 233 सदस्यों में से 229 के हलफनामों के विश्लेषण पर आधारित है. फिलहाल झारखंड की एक सीट खाली है, जबकि तीन सांसदों के हलफनामे उपलब्ध नहीं थे. इस विश्लेषण में हाल में निर्वाचित 37 सदस्य भी शामिल हैं. जिन 229 सांसदों के दस्तावेजों का विश्लेषण किया गया है, उनमें से 73 (32 प्रतिशत) ने आपराधिक मामलों की घोषणा की है. उनमें से 36 (16 प्रतिशत) गंभीर आरोपों का सामना कर रहे हैं. एक सांसद ने हत्या का मामला, चार ने हत्या के प्रयास का मामला और तीन ने महिलाओं के खिलाफ अपराध से संबंधित मामले दर्ज होने के बारे में जानकारी दी हैं. भाजपा के 99 सांसदों में से 27, कांग्रेस के 28 सांसदों में से 12, तृणमूल कांग्रेस के के 13 सांसदों में से चार और आम आदमी पार्टी के 10 सांसदों में से चार ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज होने की घोषणा की है। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और भारत राष्ट्र समिति ( बीआरएस) के तीन-तीन सांसदों ने भी आपराधिक मामलों का खुलासा किया है. रिपोर्ट में यह भी पाया गया कि 31 सांसदों (14 प्रतिशत) की कुल संपत्ति अरबों में है. प्रमुख पार्टियों में, भाजपा के छह सांसदों, कांग्रेस के पांच सांसदों, वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के चार सांसदों, आम आदमी पार्टी और बीआरएस के दो-दो सांसदों और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के तीन सांसदों ने 100 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति घोषित की है. राज्यसभा में सदस्य की औसत संपत्ति 120.69 करोड़ रुपये आंकी गयी है. भाजपा के मामले में प्रति सांसद औसत संपत्ति 28.29 करोड़ रुपये है जबकि कांग्रेस के लिए 128.61 करोड़ रुपये, तृणमूल के लिए 17.70 करोड़ रुपये और आम आदमी पार्टी के लिए 574.09 करोड़ रुपये है. अन्य दलों में वाईएसआरसीपी (522.63 करोड़ रुपये), समाजवादी पार्टी (399.71 करोड़ रुपये), बीजू जनता दल (105.63 करोड़ रुपये) और द्रमुक (11.90 करोड़ रुपये) शामिल हैं. बीआरएस सांसद बंडी पार्थ सारथी ने सबसे अधिक करीब 5,300 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषित की है. इसके बाद आम आदमी पार्टी के राजेंद्र गुप्ता (5,053 करोड़ रुपये) और वाईएसआरसीपी के अयोध्या रामी रेड्डी आला ( 2,577 करोड़ रुपये) दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं. आम आदमी पार्टी के सांसद संत बलबीर सिंह की संपत्ति सबसे कम है, जिनकी संपत्ति लगभग 3 लाख रुपये है. उनके बाद मणिपुर के महाराजा सजोओबा लिशेंबा (लगभग 5 लाख रुपये) और तृणमूल के प्रकाश चिक बरैक (लगभग 9 लाख रुपये) दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं.
