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Source
Hindustan
Date
City
New Delhi

सोशल मीडिया और अन्य प्रचार माध्यमों में पार्टी के प्रचार पर खर्च करने के मामले में कांग्रेस भारतीय जनता पार्टी से कहीं आहीं गे है। ‘एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स’(एडीआर) द्वारा दिल्ली विधानसभा चुनावों में पार्टियों के खर्च के विश्लेषण के बाद जारी रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। एडीआर ने दिल्ली चुनाव को खर्च की, यह भारतीय जनता पार्टी के व्यय से करीब एक करोड़ अधिक रही। भाजपा ने 39 करोड़ 14 लाख रुपये पार्टी के प्रचार पर खर्च किए थे। वहीं, लहीं गातार तीन बार सरकार बनाने में कामयाब रही आम आदमी पार्टी ने 2025 के चुनाव में पार्टी प्रचार पर 12 करोड़ रुपये व्यय किए थे। दिलचस्प आंकड़ा सोशल मीडिया के जरिए पार्टी को जनता के बीच पहुंचाने में किए गए प्रचार खर्च का रहा। इस मामले में भारतीय जनता पार्टी सबसे पीछे रही, जिसने महज 5.26 लाख रुपये सोशल मीडिया पर खर्च किए। आम आदमी पार्टी ने सोशल मीडिया पर तीन प्रचार पर किया। रिपोर्ट के अनुसार, सोशल मीडिया पर कांग्रेस का खर्चा करीब छह करोड़ रुपये रहा। उम्मीदवार पर खर्च में सबसे पीछे कांग्रेस ने भले ही सोशल मीडिया पर सर्वाधिक खर्चा किया, लेकिन पार्टी उम्मीदवारों पर ख रों र्च के मामले में सबसे पीछे रह गई। कांग्रेस का खर्च 161 फीसदी बढ़ा, आप का 32 प्रतिशत घटा रिपोर्ट के अनुसार, 2020 के मुकाबले 2025 के विधानसभा चुनाव में लगातार दो चुनाव लड़ीं छह प्र ड़ीं मुख पार्टियों के कुल व्यय में 39 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। दिलचस्प यह है कि इस मामले में भी कांग्रेस सबसे आगे रही। कांग्रेस ने 2025 में 2020 के मुकाबले 161 प्रतिशत अधिक चुनाव व्यय किया। भाजपा के चुनाव व्यय में 2020 के मुकाबले 20.5 प्रतिशत वृद्धि रही। वहीं, आम आद हीं मी पार्टी ने 2020 के मुकाबले 2025 के चुनाव में 32 प्रतिशत कम खर्चा किया। एक भी सीट पर जीत नहीं सहीं की कांग्रेस कांग्रेस ने भले ही पार्टी के प्रचार पर सबसे अधिक खर्च किया, लेकिन चुनाव परिणाम उसकी उम्मीदों से बिल्कुल विपरीत रहा। पार्टी लगातार तीसरे विधानसभा चुनाव में एक भी सीट पर जीत हासिल नहीं कर स हीं की। हालांकि, कांग्रेस ने 2025 में सभी 70 सीटों पर टों प्रत्याशी उतारे थे। भाजपा ने 68 सीटों पर टों चुनाव लड़कर 48 जीतीं। तीं दो सीटें एनडीए के घटक दलों लोक जनशक्ति पार्टी और जदयू को दी गई थीं, थीं लेकिन दोनों जीत नहीं सहीं के। वहीं, आम आद हीं मी पार्टी ने 70 करेा ड़ का फंड अलग-अलग स्रोतों से मिला। पार्टियों द्वारा रकम लेने के लिए चेक और डिमांड ड्रा फ्ट को वरीयता दी गई। करीब 74 प्रतिशत रकम इन्हीं माध्यमों से प्राप्त की गई। 26 प्रतिशत रकम नकद ली गई। वहीं, खहीं र्च के मामले में सभी दलों का कुल नकद भुगतान सिर्फ 3.7 लाख रुपये रहा, जो कुल खर्च का 0.04 प्रतिशत है। यानी दलों ने चुनाव के दौरान 99 प्रतिशत से अधिक खर्चों का भुगतान चेक के जरिए ही किया। इन नौ दलों का कुल व्यय 93.375 करोड़ रुपये रहा। किस पार्टी ने कितना खर्च दिखाया पार्टी कुल व्यय सोशल मीडिया पार्टी प्रचार भारतीय जनता पार्टी 57.65 करोड़ 5.26 लाख 39.14 करोड़ कांग्रेस 46.19 करोड़ 5.95 करोड़ 40.13 करोड़ आम आदमी पार्टी 14.5 करोड़ 03 करोड़ 12.12 करोड़ किस पार्टी को कितना फंड मिला पार्टी रकम भारतीय जनता पार्टी 88.7 करोड़ कांग्रेस 64.3 करोड़ आम आदमी पार्टी 16.1 करोड़ (दिल्ली चुनाव 2025 के लिए पार्टियों द्वारा दिए ब्योरे के अनुसार) बसपा ने 1.8 करोड़ खर्च किए, एआईएमआईएम का खर्चा शून्य रिपोर्ट के अनुसार, भाजपा, कांग्रेस और आप के अलावा बहुजन समाज पार्टी ही ऐसी पार्टी रही, जिसने एक करोड़ रुपये से अधिक का कुल खर्चा दिखाया है। बसपा ने दिल्ली चुनाव में 1.8 करोड़ रुपये खर्च का ब्योरा दिया। वहीं, एआईएमआईएम हीं ने भी दो सीटों पर टों चुनाव लड़ा था, लेकिन पार्टी दिल्ली चुनाव में उतारे थे प्रत्याशी दिल्ली विधानसभा चुनाव में कुल 105 दलों ने अपने उम्मीदवार मैदान में उतारे थे। इनमें पांच राष्ट्री य दल, आठ क्षेत्रीय दल और 92 गैर मान्यता प्राप्त दल शामिल थे। हालांकि, सिर्फ दो दल भारतीय जनता पार्टी और आम आदमी पार्टी ही चुनाव में जीत दर्ज कर सकीं।


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