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Source
Hindustan
Date
City
New Delhi

इस साल हुए दिल्ली विधानसभा चुनावों के खर्च से जुड़ी एक रिपोर्ट सामने आई है। 'एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स' (ADR) की इस रिपोर्ट में कांग्रेस,बीजेपी और आम आदमी पार्टी के किए खर्चों का ब्योरा है। रिपोर्ट में पचा चला है कि कांग्रेस ने दिल्ली चुनाव के दौरान पार्टी के प्रचार और सोशल मीडिया कैंपेन पर बीजेपी के मुकाबले एडीआर की ताजा रिपोर्ट में यह बात पता चली है कि भारी प्रचार के बाद भी कांग्रेस को वोटों में कोई खास फायदा नहीं मिला। दूसरी तरफ, बीजेपी ने कुल मिलाकर ज्यादा पैसा खर्च किया और अपने उम्मीदवारों पर रों भी ज्यादा निवेश किया, जिसका नतीजा उसे एक बड़ी जीत के रूप में मिला। आम आदमी पार्टी ने दोनों के मुकाबले कम खर्च किया है। ADR के आंकड़ों से पता चलता है कि दोनों पार्टियों ने पैसा अलगअलग जगहों पर ख हों र्च किया। कांग्रेस पार्टी ने अपना ज्यादातर पैसा प्रचार और सोशल मीडिया के जरिए लोगों तक प गों हुंचने में लगाया। हालांकि, उम्मीदवारों पर रों होने वाला उनका खर्च बीजेपी के मुकाबले काफी कम था। बीजेपी ने इसके ठीक उलट, बीजेपी ने अपने खर्च का एक बड़ा हिस्सा सीधे तौर पर अपने उम्मीदवारों की मदद और उनसे जुड़े कामों में लगाया। 'आप' ने कुल ₹14.5 करोड़ खर्च किए। इसमें से 12.12 करोड़ पार्टी के प्रचार पर और 2.4 करोड़ उम्मीदवारों पर ख रों र्च किए गए। सोशल मीडिया कैंपेन के मामले में 'आप' ने लगभग 3 करोड़ खर्च किए। कुल चुनावी खर्च और अन्य पार्टियां चुनाव में शामिल 9 राजनीतिक दलों ने कुल मिलाकर 120.3 करोड़ का चुनावी खर्च दिखाया, जिसमें से 27 करोड़ उम्मीदवारों पर ख रों र्च हुए। बीजेपी, कांग्रेस और 'आप' के अलावा सिर्फ बहुजन समाज पार्टी (BSP) ही ऐसी पार्टी थी जिसने 1 करोड़ से ज्यादा (1.8 करोड़) खर्च किए। चुनाव के दौरान सभी पार्टियों ने कुल 170.68 करोड़ का फंड इकट्ठा किया। पार्टियों की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, कुल खर्च का बहुत ही छोटा हिस्सा (सिर्फ 0.04% यानी 3.7 लाख) नकद में खर्च किया गया। AIMIM ने 2 सीटों पर टों चुनाव लड़ा था, लेकिन पार्टी के अनुसार उन्होंनेन्हों नेचुनाव में 0 (शून्य) खर्च किए। कांग्रेस और 'आप' ने सभी 70 सीटों पर टों चुनाव लड़ा, जबकि बीजेपी 68 सीटों पर ल टों ड़ी और 2 सीटें अपने सहयोगी दलों को दीं। उन 6 दीं पार्टियों के आंकड़ों पर नजर ड़ों डालें जिन्होंनेन्हों ने 2020 और 2025 दोनों चुनाव लड़े: 1. चंदा इकट्ठा करने में बदलाव कुल जमा किया गया फंड 9% बढ़कर लगभग 170 करोड़ हो गया है। बीजेपी: बीजेपी को मिलने वाले चंदे में 25% की गिरावट आई। आम आदमी पार्टी: इनके चंदे में लगभग 6% की बढ़त हुई। 2. चुनावी खर्च में बदलाव इन 6 पार्टियों का कुल खर्च 2020 के मुकाबले करीब 39% बढ़ गया है। कांग्रेस: इनका खर्च 161% तक बढ़ गया। बीजेपी: इनके खर्च में 20.5% की बढ़ोतरी हुई। आम आदमी पार्टी: खर्च के मामले में 'आप' ने सावधानी बरती और 2020 के मुकाबले लगभग 32% कम पैसा खर्च किया।


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