प्रभात कुमार नई दिल्ली। राजनीतिक दलो को चंदा देने में रियल एस्टेट कंपनियां पीछे नहीं है। उत्पादन क्षेत्र के बाद, इलेक्टोरल ट्रस्ट के जरिए राजनीतिक दलों को चंदा देने में रियल एस्टेट कंपनियां सबसे आगे हैं। इसका खुलासा, भारत के निर्वाचन आयोग (ईसीआई ) में इलेक्टोरल ट्रस्टों द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25 में राजनीतिक दलों को दिए गए चंदे के रकम के बारे में पेश लेखाजोखा के विश्लेषण से हुआ है। भारतीय चुनाव और राजनीति बर बारीकी से नजर रखने वाली गैर सरकारी संगठन एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) ने शुक्रवार को जारी अपनी रिपोर्ट में कहा है कि राजनीतिक दलों को सबसे अधिक चंदा उत्पादन क्षेत्र से मिलता है। रिपोर्ट के मुताबिक उत्पादन क्षेत्र के बाद, रियल एस्टेट कंपनियां राजनीतिक दलों को चंदा देने में सबसे आगे है, जबकि संचार, आईटी और टेलकॉम सेक्टर चंदा देने वालों में तीसरा सबसे क्षेत्र है। एडीआर ने कहा है कि इलेक्टोरल ट्रस्टों को वित्तीय वर्ष 2024-25 में कुल 3,826.34 करोड़ रुपये का अंशदान (चंदा) मिला और ट्रस्टों ने राजनीतिक इतने ही रकम (3,826.35 करोड़ रुपये) राजनीतिक दलों को बांटे। एडीआर के मुताबिक कुल चंदे का 82 फीसदी हिस्सा अकेले भाजपा को मिला। निर्वाचन आयोग में ट्रस्टों द्वारा पेश लेखाजोखा का विश्लेषण करते हुए एडीआर ने कहा है कि इलेक्टोरल ट्रस्ट के जरिए राजनीतिक दलों को वित्तीय वर्ष 2024–25 में चंदा देने में उत्पादन सेक्टर का सबसे अधिक योगदान रहा, जिसकी हिस्सेदारी 1,063.128 रुपये थी, जो कुल चंदे का 27.78 फीसदी है। इसमें कहा गया है कि उत्पादन क्षेत्र के बाद राजनीतिक दलों को चंदा देने वालों में रियल एस्टेट दूसरा सबसे बड़ा क्षेत्र है। रियल एस्टेट ने इस वित्तीय वर्ष में राजनीतिक दलों को 629.17 करोड़ रुपये चंदा दिया जो कुल रकम 16.44 फीसदी है। जबकि संचार, सूचना प्रौद्यिगिकी (आईटी) और टेलीकॉम सेक्टर चंदा देने वालों में तीसरा सबसे बड़ा क्षेत्र है। इस सेक्टर से 451.8582 करोड़ रुपये जो कि कुल रकम का 11.81 फीसदी है., राजनीतिक दलों को चंदा दिया है। इसके अलावा, फाइनेंस 389.8581 करोड़ रुपये (कुल रकम का 10.19 फीसदी) माइनिंग/ कंस्ट्रक्शन/इंफ्रास्ट्रक्चर/इंजीनियरिंग 358.6872 करोड़ रुपये (कुल रकम का 9.37 फीसदी) और पावर और ऑयल 255.9675 करोड़ रुपये (कुल रकम का 6.69 फीसदी) चंदा राजनीतिक दलों को दिया है। एडीआर ने कहा है कि इलेक्टोरल ट्रस्टों में, प्रूडेंट इलेक्टोरल ट्रस्ट ने 15 राजनीतिक दलों को सबसे अधिक रकम 2,668.4647 करोड़ रुपये चंदे के रूप में बांटे । जबकि दूसरे स्थान पर प्रोग्रेसिव इलेक्टोरल ट्रस्ट है, जिसने 10 राजनीतिक दलों 914.97 क लों रोड़ रुपये चंदा बांटे हैं। 228 बिजसेन घरानों ने 3600 करोड़ से अधिक दिया चंदा एडीआर ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि 228 कॉर्पोरेट या बिजनेस घरानों ने राजनीतिक दलों को 2024-25 में 3,636.819 करोड़ रुपये का चंदा दिया। जबकि 99 लोगों ने इस दौरान 187.6227 करोड़ रुपये का दान दिया। सिर्फ 10 दानकर्ताओं ने कुल चंदे का आधा दिया एडीआर के रिपोर्ट के अनुसार 2024-25 में 10 शीर्ष दानकर्ताओं ने मिलकर राजनीतिक दलों को 1,908.8621 करोड़ दिए चंदा दिया जो कुल रकम का लगभग आधा यानी 49.89 फीसदी है। एलिवेटेड एवेन्यू रियल्टी एलएलपी सबसे बड़ा दानकर्ता है, जिसने 500 करोड़ दिए और उसके बाद टाटा संस प्राइवेट लिमिटेड ने 308.1324 करोड़, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज लिमिटेड 217.6216 करोड़ और मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड 175 करोड़ रुपये का चंदा दिया। 2024-25 में किस दल को कितना चंदा मिला भाजपा 3157.6549 करोड़ रुपये। कुल चंदे का 82.52 फीदसी कांग्रेस 298.7795 करोड़ रुपये। कुल चंदे का 7.81 फीसदी टीएमसी 102 करोड़ रुपये मिले। कुल चंदे का 2.67 फीसदी 19 अन्य राजनीतिक दलों 267.9178 करोड़ रुपये मिले।
