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Source
अमर उजाला
Author
Aditya Anand
Date

Bihar News : बिहार की सम्राट चौधरी सरकार को लेकर आज एक चर्चा बहुत गरम है। एक रिपोर्ट ने बिहार के मंत्रियों का चरित्र सामने लाया है। इस रिपोर्ट में नो मंत्रियों पर गंभीर अपराध के मामले बताए गए हैं।

बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की नई सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार के बाद मंत्रियों की संपत्ति, शिक्षा और आपराधिक मामलों को लेकर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR)और बिहार इलेक्शन वॉच की ओर से स्व-घोषित हलफनामों के आधार पर जारी रिपोर्ट में दावा किया गया है कि एनडीए सरकार के 15 मंत्रियों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी दी है। इन पर प्राथमिकी दर्ज है। चौंकाने वाली बात यह है कि 15 मंत्रियों में से नौ ऐसे हैं जिन पर गंभीर प्रकृति के मामले दर्ज हैं। इन 15 मंत्रियों में सात मंत्री भाजपा, पांच जदयू के,  हम के एक मंत्री और लोजपा रामविलास के एक मंत्री पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। 

22 मंत्री ग्रेजुएट हैं
मंत्रियों के शिक्षा की बात करें तो 22 मंत्री ग्रेजुएट या उससे अधिक पढ़े लिखे हैं। हालांकि, आठ मंत्रियों की शैक्षणिक योग्यता आठवीं से बारहवीं के बीच दर्ज की गई है। उम्र के आंकड़ों पर नजर डालें तो सरकार में वरिष्ठ चेहरों का दबदबा कायम है। नई सरकार में महिलाओं की भागीदारी भी सीमित ही बताई गई है। सीएम सम्राट चौधरी के मंत्रिमंडल में कुल 35 मंत्रियों में केवल पांच महिला मंत्री शामिल हैं।

सबसे अमीर मंत्री कौन हैं?
एडीआर रिपोर्ट के अनुसार, 31 में से 28 मंत्री करोड़पति हैं। मंत्रियों की औसत घोषित संपत्ति 6 करोड़ 32 लाख रुपये से अधिक बताई गई है। मंत्री रमा निषाद को सबसे अधिक संपत्ति वाला मंत्री बताया गया है। उनके पास 31.86 करोड़ रुपये की घोषित संपत्ति है। दूसरी ओर लोजपा (रामविलास) के संजय कुमार ने सबसे कम 22.30 लाख रुपये की संपत्ति घोषित की है। जदयू के अशोक चौधरी और भाजपा के प्रमोद कुमार को हलफनामा दाखिल करने की आवश्यकता नहीं थी, क्योंकि दोनों विधान परिषद के मनोनीत सदस्य हैं। वहीं आरएलएम के दीपक प्रकाश और जदयू के निशांत कुमार का विवरण रिपोर्ट में शामिल नहीं किया गया, क्योंकि वे फिलहाल विधानसभा या विधान परिषद के सदस्य नहीं हैं।

 


 


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