आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू 931 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति के साथ भारत के सबसे अमीर मुख्यमंत्रियों की लिस्ट में सबसे ऊपर हैं. एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की रिपोर्ट के अनुसार, पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी महज 15 लाख रुपये की नेटवर्थ के साथ सबसे गरीब हैं.
सबसे अमीर और सबसे गरीब मुख्यमंत्री-रिपोर्ट में कहा गया है कि राज्य विधानसभाओं और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रत्येक मुख्यमंत्री की औसत प्रॉपर्टी 52.59 करोड़ रुपये है. जबकि भारत की प्रति व्यक्ति राष्ट्रीय आय या एनएनआई 2023-2024 के लिए लगभग 1,85,854 रुपये थी.
एक मुख्यमंत्री की स्वयं की औसत आमदनी 13,64,310 रुपये है, जो भारत की औसत प्रति व्यक्ति आय का लगभग 7.3 गुना है.
31 मुख्यमंत्रियों की कुल संपत्ति 1,630 करोड़ रुपये है-अरुणाचल प्रदेश के पेमा खांडू 332 करोड़ रुपये से अधिक की कुल संपत्ति के साथ दूसरे सबसे अमीर मुख्यमंत्री हैं.
कर्नाटक के सिद्धारमैया 51 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति के साथ लिस्ट में तीसरे स्थान पर हैं.
जम्मू और कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला 55 लाख रुपये की संपत्ति के साथ लिस्ट में दूसरे सबसे गरीब हैं. पिनाराई विजयन 1.18 करोड़ रुपये के साथ तीसरे स्थान पर हैं.
सबसे ज्यादा लोन किस पर-खांडू पर सबसे अधिक 180 करोड़ रुपये की देनदारियां हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि सिद्धारमैया पर 23 करोड़ रुपये और नायडू पर 10 करोड़ रुपये से अधिक की देनदारियां हैं.
इसमें यह भी कहा गया है कि 13 (42 फीसदी) मुख्यमंत्रियों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए हैं, जबकि 10 (32 फीसदी) ने हत्या के प्रयास, अपहरण, रिश्वतखोरी और आपराधिक धमकी से संबंधित गंभीर आपराधिक मामले घोषित किए हैं.
31 मुख्यमंत्रियों में से केवल दो महिलाएं हैं - पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी और दिल्ली की आतिशी है.
आपराधिक मामले-राज्य विधानसभाओं और केंद्र शासित प्रदेशों में विश्लेषण किए गए सभी 31 मुख्यमंत्रियों में से 13 (42 फीसदी) ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए हैं.
लगभग 10 (32 फीसदी) मुख्यमंत्रियों ने गंभीर आपराधिक मामले घोषित किए हैं, जिनमें हत्या का प्रयास, अपहरण, रिश्वतखोरी और आपराधिक धमकी से संबंधित मामले शामिल हैं.
रेवंत रेड्डी पर आपराधिक धमकी (आईपीसी धारा-506) से संबंधित 34 आरोप, धारा 505(2) (आईपीसी धारा-505(2)) से संबंधित 22 आरोप और सार्वजनिक शरारत करने वाले बयानों (आईपीसी धारा-505) से संबंधित तीन आरोप हैं.
दो आरोप धोखाधड़ी और बेईमानी से संपत्ति की डिलीवरी के लिए प्रेरित करने से संबंधित हैं (आईपीसी धारा 420). एक आरोप खातों में हेराफेरी से संबंधित है, जैसा कि आईपीसी धारा 477ए में है.
आईपीसी की धारा 295ए के तहत एक आरोप है, जो जानबूझकर किसी वर्ग या धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के इरादे से किए गए दुर्भावनापूर्ण मामलों से संबंधित है.
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के खिलाफ आईपीसी के प्रावधानों के तहत 47 मामले दर्ज हैं, जिनमें से सबसे ज्यादा 11 मामले उनके खिलाफ दर्ज हैं.
साल 2023 की रिपोर्ट में क्या था?भारत में मुख्यमंत्रियों की संपत्ति के संबंध में एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) द्वारा 2023 में जारी रिपोर्ट के अनुसार, देश के 30 में से 29 मुख्यमंत्री करोड़पति हैं, जिनकी औसत संपत्ति लगभग 33.96 करोड़ रुपये है.
सबसे अमीर मुख्यमंत्री-वाई. एस. जगन मोहन रेड्डी (आंध्र प्रदेश)- 510 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति के साथ, वे देश के सबसे धनी मुख्यमंत्री रहे थे.
अन्य प्रमुख संपत्तिशाली मुख्यमंत्री-पेमा खांडू (अरुणाचल प्रदेश) 163 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति. नवीन पटनायक (ओडिशा)- 63 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति थी.
2023 में सबसे कम संपत्ति वाले मुख्यमंत्री कौन थे- ममता बनर्जी (पश्चिम बंगाल): मात्र 15 लाख रुपये की संपत्ति के साथ, वे सबसे कम संपत्ति वाली मुख्यमंत्री थी. पिनाराई विजयन (केरल)दूसरे नंबर पर थे. कुल 1.18 करोड़ रुपये की संपत्ति थी. मनोहर लाल खट्टर (हरियाणा): 1.27 करोड़ रुपये की संपत्ति थी.
