ADR ने वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान 60 क्षेत्रीय दलों में से 40 द्वारा किए गए कुल आय और व्यय का विश्लेषण किया है.
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20 क्षेत्रीय दलों की ऑडिट रिपोर्ट ECI की वेबसाइट पर उपलब्ध नहीं हैं,
राजनीतिक दलों के पास धन जुटाने के कई सोर्स होते हैं, इसलिए जवाबदेही और पारदर्शिता उनके कामकाज का एक महत्वपूर्ण पहलू होना चाहिए. ऐसे में कॉम्प्रिहेंसिव एंड ट्रांसपेरेंसी अकाउंटेंट मैथड और सिस्टम का होना आवश्यक है, जो दलों की वास्तविक वित्तीय स्थिति को उजागर कर सके. भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने 19 नवंबर 2014 को सभी राजनीतिक दलों के अध्यक्षों/महासचिवों को संबोधित अपने पत्र में कहा था कि दलों के लिए अपनी ऑडिट रिपोर्ट की डिटेल आयोग को प्रस्तुत करना अनिवार्य है.
ऐसे में ADR ने वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान 60 क्षेत्रीय दलों में से 40 द्वारा पूरे किए गए कुल आय और व्यय का विश्लेषण किया है. इन क्षेत्रीय दलों में अपना दल (सोनीलाल), एआईएफबी, एआईएनआरसी, एआईएडीएमके, एआईएमआईएम, एआईयूडीएफ, आजसू पार्टी, एजीपी, बीजेडी, बीआरएस, सीपीआई, सीपीआई (एमएल) (एल), डीएमके, डीएमडीके, जीएफपी, आईएनएलडी, जेडी (एस), जेडी (यू), जेजेपी, जेकेपीडीपी, जेएमएम, केसी (एम), एलजेपी (रामविलास), एमजीपी, एमएनएस, एमएनएफ, एनडीपीपी, एनपीएफ, पीपीए, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी, रिवोल्यूशनरी गोवा पार्टी, एसएडी, एसडीएफ, एसकेएम, एसपी, टीडीपी, टीएमपी, वाईएसआर कांग्रेस और जेडपीएम शामिल हैं.
20 क्षेत्रीय दलों की ऑडिट रिपोर्टें उपलब्ध नहीं
क्षेत्रीय दलों के ऑडिट रिपोर्ट प्रस्तुत करने की आखिरी तारीख 31 अक्टूबर 2024 थी. 20 दलों ने अपनी लेखापरीक्षा रिपोर्ट समय पर प्रस्तुत कर दी थीं, जबकि 20 दलों ने अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने में कई दिनों की देरी की. वित्त वर्ष 2023-24 के लिए शेष 20 क्षेत्रीय दलों की ऑडिट रिपोर्टें, 313 दिनों की देरी (10 सितंबर 2025 तक) के बाद भी चुनाव आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध नहीं हैं.
किन क्षेत्रीय दलों की ऑडिट रिपोर्ट नहीं उपलब्ध
ADR की रिपोर्ट के मुताबिक जिन क्षेत्रीय दलों की रिपोर्ट चुनाव आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध नहीं है.उनमें जोरम नेशनलिस्ट पार्टी, नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी, बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट, यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी, लिबरल, लोक जन शक्ति पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल, राष्ट्रीय लोक समता पार्टी, जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे), जम्मू कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस, जम्मू कश्मीर नेशनल पैंथर्स पार्टी, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग, शिवसेना, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे), हिल स्टेट पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी, पीपुल्स डेमोक्रेटिक फ्रंट, वॉयस ऑफ द पीपल पार्टी, यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी, इंडिजिनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा, रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी और एनसीपी (शरदचंद्र पवार) शामिल हैं.
ADR की यह रिपोर्ट 40 क्षेत्रीय राजनीतिक दलों की आय और व्यय का विश्लेषण करती है, जिनकी ऑडिट रिपोर्ट वित्त वर्ष 2023-24 के लिए चुनाव आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध है.
वित्त वर्ष 2023-24 में क्षेत्रीय राजनीतिक दलों द्वारा घोषित कुल आय
वित्त वर्ष 2023-24 के लिए 40 क्षेत्रीय दलों की कुल आय 2532.096 करोड़ रुपये थी. बीआरएस ने सबसे अधिक 685.5177 करोड़ रुपये की आय बताई, जो विश्लेषित सभी दलों की कुल आय का 27.07 प्रतिशत है. इसके बाद AITC की आय 646.392 करोड़ रुपये (25.53 फीसदी) और बीजेडी की आय 297.806 करोड़ रुपये (11.76 फीसदी) थी. रिपोर्ट के मुताबिक टॉप पांच दलों की कुल आय 2105.8286 करोड़ रुपये थी, जो सामूहिक रूप से विश्लेषित राजनीतिक दलों की कुल आय का 83.17 प्रतिशत था.
वित्त वर्ष 2022-23 की तुलना में क्षेत्रीय दलों की कुल आय
दोनों वर्षों के लिए उपलब्ध 40 राजनीतिक दलों में से 39 दलों ने वित्त वर्ष 2022-23 से वित्त वर्ष 2023-24 तक अपनी आय में वृद्धि दिखाई है, जबकि 15 दलों ने इस अवधि के दौरान अपनी आय में गिरावट दिखाई है. गौरतलब है कि गोवा फॉरवर्ड पार्टी ने वित्त वर्ष 2022-23 और वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान शून्य आय घोषित की है.
AITC ने अपनी आय में सबसे अधिक 312.935 करोड़ रुपये की वृद्धि दर्ज की, उसके बाद टीडीपी और बीजेडी ने वित्त वर्ष 2022-23 और वित्त वर्ष 2023-24 के बीच क्रमश 221.076 करोड़ रुपये और 116.753 करोड़ रुपये की कुल वृद्धि घोषित की.
वित्त वर्ष 2023-24 में क्षेत्रीय दलों द्वारा खर्च नहीं की गई आय
27 क्षेत्रीय दलों ने वित्त वर्ष 2023-24 के लिए अपनी आय का एक हिस्सा अव्ययित घोषित किया है, जबकि 12 राजनीतिक दलों ने वर्ष के दौरान एकत्रित आय से अधिक खर्च किया है. बीआरएस की कुल आय का 430.6032 करोड़ रुपये से अधिक अव्ययित है, जबकि एआईटीसी और बीजेडी की कुल आय का क्रमशः 414.9195 करोड़ रुपये और 253.7964 करोड़ रुपये खर्च नहीं हुआ हैं.
YSR-कांग्रेस, डीएमके, सपा, जेडीयू, SAD, सीपीआई(ML)(L), एलजेपी (रामविलास), AIFB, एमएनएफ, एनपीएफ, पीपीए और एमजीपी वे 12 क्षेत्रीय दल हैं जिन्होंने अपनी आय से अधिक खर्च करने की घोषणा की है. वाईएसआर-कांग्रेस ने सबसे अधिक 104.7235 करोड़ रुपये या अपनी आय से 54.82 प्रतिशत से अधिक खर्च करने की घोषणा की है.
ध्यान देने वाली बात है कि गोवा फॉरवर्ड पार्टी एकमात्र ऐसी पार्टी है जिसने वित्त वर्ष 2023-24 के लिए कोई आय घोषित नहीं की है, लेकिन पार्टी ने इस वर्ष के दौरान 1.56 लाख रुपये का खर्च घोषित किया है.
त्त वर्ष 2023-24 में क्षेत्रीय दलों का कुल व्यय
वित्त वर्ष 2023-24 के लिए 40 क्षेत्रीय दलों का कुल घोषित व्यय 1320.96 करोड़ रुपये था. टॉप -5 दलों द्वारा किया गया कुल व्यय 1103.3191 करोड़ रुपये या 40 राजनीतिक दलों द्वारा बताए गए कुल व्यय का 83.52% है.
सबसे अधिक खर्चा करने वाली टॉप 5 पार्टियों में सबसे पहला नाम वाईएसआर-कांग्रेस का है, जिसने 295.7664 करोड़ रुपये खर्च किए, उसके बाद बीआरएस जिसने 254.9145 करोड़ रुपये खर्च किए, एआईटीसी ने 231.4725 करोड़ रुपये , डीएमके ने 200.0677 करोड़ रुपये और टीडीपी ने 121.098 करोड़ रुपये खर्च किए.
क्षेत्रीय राजनीतिक दलों द्वारा घोषित आय के सोर्स
40 क्षेत्रीय दलों ने वित्त वर्ष 2023-24 के लिए स्वैच्छिक योगदान से 2117.846 करोड़ रुपये एकत्र किए. राजनीतिक दलों ने चुनावी बॉन्ड के माध्यम से 1796.024 करोड़ रुपये एकत्र किए, जबकि अन्य दान और अंशदान से 321.822 करोड़ रुपये इकठ्ठा किए. क्षेत्रीय दलों द्वारा घोषित आय के अन्य स्रोतों का हिस्सा 414.25 करोड़ रुपये है, जो कुल घोषित आय का 16.36 फीसदी है.
विश्लेषण किए गए 40 क्षेत्रीय दलों में से केवल 10 ने चुनावी बांड के माध्यम से 1796.024 करोड़ रुपये के दान की घोषणा की. वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान 40 क्षेत्रीय दलों द्वारा ब्याज आय के माध्यम से कुल आय का 10.86 प्रतिशत या 274.898 करोड़ रुपये जनरेट किए गए थे.
