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ETV Bharat
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वित्त वर्ष 2023-24 के लिए क्षेत्रीय राजनीतिक दलों की आय और व्यय का विश्लेषण. कितना दान लिया. आय कितनी हुई. खर्च कितना किया.

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वित्त वर्ष 2023-24 के लिए क्षेत्रीय दलों की कमाई और खर्चे.

वित्त वर्ष 2023-24 के लिए 20 क्षेत्रीय राजनीतिक दलों की ऑडिट रिपोर्टें में इन दलों की आय, खर्चे और दान में मिले खर्चे को दिखाया गया है.

गौर करें तो इस रिपोर्ट के तैयार होने के समय के 313 दिनों की देरी के बाद भी चुनाव आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध डेटा मौजूद नहीं हैं.

वित्त वर्ष 2023-24 के लिए 40 क्षेत्रीय दलों की कुल आय 2532.096 करोड़ रुपये थी. इस दौरान बीआरएस ने सबसे अधिक 685.5177 करोड़ रुपये की आय दर्ज की.

वित्त वर्ष 2023-24 के लिए क्षेत्रीय राजनीतिक दलों की आय और व्यय का विश्लेषण:  राजनीतिक दलों के पास धन के कई स्रोत होते हैं. इसलिए जवाबदेही और पारदर्शिता उनके कामकाज का एक महत्वपूर्ण पहलू होना चाहिए. व्यापक और पारदर्शी लेखा पद्धतियों और प्रणालियों का होना आवश्यक है, जो दलों की वास्तविक वित्तीय स्थिति को उजागर करे.

भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने 19 नवंबर, 2014 को सभी राजनीतिक दलों के अध्यक्षों/महासचिवों को संबोधित अपने पत्र में कहा है कि सभी दलों के लिए अपनी लेखा परीक्षा रिपोर्ट का विवरण आयोग को प्रस्तुत करना अनिवार्य बना दिया है.

यह रिपोर्ट वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान 60 क्षेत्रीय दलों में से 40 द्वारा पूरे भारत में किए गए कुल आय और व्यय का विश्लेषण करती है, जैसा कि दलों द्वारा ईसीआई को प्रस्तुत अपनी लेखा परीक्षा रिपोर्ट में घोषित किया गया है.

क्षेत्रीय दलों में अपना दल (सोनीलाल), एआईएफबी, एआईएनआरसी, एआईएडीएमके, एआईएमआईएम, एआईयूडीएफ, आजसू पार्टी, एजीपी, बीजेडी, बीआरएस है.

इसके साथ ही सीपीआई, सीपीआई (एमएल) (एल), डीएमके, डीएमडीके, जीएफपी, आईएनएलडी, जेडी (एस), जेडी (यू), जेजेपी, जेकेपीडीपी, जेएमएम, केसी (एम), एलजेपी (रामविलास) की पार्टी है.

इसके अलावा इस कैटेगरी में एमजीपी, एमएनएस, एमएनएफ, एनडीपीपी, एनपीएफ, पीपीए, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी, रिवोल्यूशनरी गोवा पार्टी, एसएडी, एसडीएफ, एसकेएम, एसपी, टीडीपी, टीएमपी, वाईएसआर कांग्रेस और जेडपीएम भी शामिल हैं.

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क्षेत्रीय दलों द्वारा लेखा परीक्षित रिपोर्ट प्रस्तुत करने की स्थिति, वित्त वर्ष 2023-24: इन क्षेत्रीय राजनीतिक दलों के वार्षिक लेखापरीक्षित खाते प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर, 2024 थी. 20 दलों ने अपनी लेखा परीक्षा रिपोर्ट समय पर प्रस्तुत कर दी थीं. वहीं 20 दलों ने अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने में 12 दिनों से लेकर 216 दिनों तक की देरी की.

वित्त वर्ष 2023-24 के लिए शेष 20 क्षेत्रीय दलों की लेखा परीक्षा रिपोर्टें: इस रिपोर्ट के तैयार होने के समय, 313 दिनों की देरी (10 सितंबर 2025 तक) के बाद भी, चुनाव आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध नहीं हैं.

देरी करने वाली पार्टियों में जोरम नेशनलिस्ट पार्टी, नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी, बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट, यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी, लिबरल, लोक जन शक्ति पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल और राष्ट्रीय लोक समता पार्टी शामिल हैं.

इसके साथ ही जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे), जम्मू और कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस, जम्मू और कश्मीर नेशनल पैंथर्स पार्टी, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग, शिवसेना, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) की पार्टी है.

साथ ही हिल स्टेट पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी, पीपुल्स डेमोक्रेटिक फ्रंट, वॉयस ऑफ द पीपल पार्टी, यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी, इंडिजिनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा, रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी और एनसीपी (शरदचंद्र पवार) का दल भी इसमें शामिल हैं.

इसलिए, यह रिपोर्ट 40 क्षेत्रीय राजनीतिक दलों की आय और व्यय का विश्लेषण करती है, जिनकी ऑडिट रिपोर्ट वित्त वर्ष 2023-24 के लिए ईसीआई वेबसाइट पर उपलब्ध है.

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क्षेत्रीय राजनीतिक दलों द्वारा घोषित कुल आय, वित्त वर्ष 2023-24: वित्त वर्ष 2023-24 के लिए 40 क्षेत्रीय दलों की कुल आय 2532.096 करोड़ रुपये थी.

बीआरएस ने सबसे अधिक 685.5177 करोड़ रुपये की आय बताई, जो विश्लेषित सभी दलों की कुल आय का 27.07% है. इसके बाद एआईटीसी की आय 646.392 करोड़ रुपये या 25.53% और बीजेडी की आय 297.806 करोड़ रुपये या इस रिपोर्ट में विश्लेषित 40 क्षेत्रीय दलों की कुल आय का 11.76% है. वहीं शीर्ष 5 दलों की कुल आय 2105.8286 करोड़ रुपये थी. ये राशि सामूहिक रूप से विश्लेषित राजनीतिक दलों की कुल आय का 83.17% थी.

क्षेत्रीय दलों की आय की तुलना, वित्त वर्ष 2022-23 और वित्त वर्ष 2023-24: दोनों वर्षों के लिए उपलब्ध 40 राजनीतिक दलों में से 39 दलों ने वित्त वर्ष 2022-23 से वित्त वर्ष 2023-24 तक अपनी आय में वृद्धि दिखाई है. वहीं 15 दलों ने इस अवधि के दौरान अपनी आय में गिरावट दिखाई है.

यह ध्यान देने योग्य है कि गोवा फॉरवर्ड पार्टी ने वित्त वर्ष 2022-23 और वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान शून्य आय घोषित की है. 39 दलों की कुल आय वित्त वर्ष 2022-23 में 1736.851 करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 2023-24 में 2531.802 करोड़ रुपये हो गई, जो कुल 45.77% या 794.951 करोड़ रुपये की वृद्धि है.

एआईटीसी ने अपनी आय में सबसे अधिक 312.935 करोड़ रुपये की वृद्धि दर्ज की. उसके बाद टीडीपी और बीजेडी का स्थान रहा. इन दोनों दलों ने वित्त वर्ष 2022-23 और वित्त वर्ष 2023-24 के बीच क्रमशः 221.076 करोड़ रुपये और 116.753 करोड़ रुपये की कुल वृद्धि घोषित की.

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क्षेत्रीय दलों की अव्ययित आय, वित्त वर्ष 2023-24: 27 क्षेत्रीय दलों ने वित्त वर्ष 2023-24 के लिए अपनी आय का एक हिस्सा अव्ययित घोषित किया है. वहीं जबकि 12 राजनीतिक दलों ने वर्ष के दौरान एकत्रित आय से अधिक खर्च किया है.

बीआरएस की कुल आय का 430.6032 करोड़ रुपये से अधिक अव्ययित है. एआईटीसी और बीजेडी की कुल आय का क्रमशः 414.9195 करोड़ रुपये और 253.7964 करोड़ रुपये अव्ययित हैं.

वाईएसआर-कांग्रेस, डीएमके, सपा, जेडी(यू), शिअद, सीपीआई(एमएल)(एल), एलजेपी (रामविलास), एआईएफबी, एमएनएफ, एनपीएफ, पीपीए और एमजीपी वे 12 क्षेत्रीय दल हैं, जिन्होंने अपनी आय से अधिक खर्च करने की घोषणा की है.

वाईएसआर-कांग्रेस ने सबसे अधिक 104.7235 करोड़ रुपये या अपनी आय से 54.82% अधिक खर्च करने की घोषणा की है.

ध्यान देने वाली बात यह है कि गोवा फॉरवर्ड पार्टी एकमात्र ऐसी पार्टी है. जिसने वित्त वर्ष 2023-24 के लिए कोई आय घोषित नहीं की है. लेकिन पार्टी ने इस वर्ष के दौरान 1.56 लाख रुपये का खर्च घोषित किया है.

क्षेत्रीय दलों द्वारा किया गया कुल व्यय, वित्तीय वर्ष 2023-24: वित्त वर्ष 2023-24 के लिए 40 क्षेत्रीय दलों का कुल घोषित व्यय 1320.96 करोड़ रुपये था. शीर्ष 5 दलों द्वारा किया गया कुल व्यय 1103.3191 करोड़ रुपये या 40 राजनीतिक दलों द्वारा बताए गए कुल व्यय का 83.52% है.

सबसे अधिक व्यय करने वाली शीर्ष 5 पार्टियां हैं, वाईएसआर-कांग्रेस जिसने 295.7664 करोड़ रुपये या 22.39% खर्च किए, उसके बाद बीआरएस जिसने 254.9145 करोड़ रुपये या 19.298% खर्च किए.

एआईटीसी जिसने 231.4725 करोड़ रुपये या 17.523% खर्च किए. डीएमके जिसने 200.0677 करोड़ रुपये या 15.146% खर्च किए. वहीं टीडीपी ने 121.098 करोड़ रुपये या कुल व्यय का 9.167% खर्च किया.

क्षेत्रीय राजनीतिक दलों द्वारा घोषित आय के सभी स्रोत, वित्त वर्ष 2023-24: 40 क्षेत्रीय दलों ने वित्त वर्ष 2023-24 के लिए स्वैच्छिक योगदान (दान एवं अंशदान और चुनावी बॉन्ड सहित) से अपनी कुल आय का 83.64% या 2117.846 करोड़ रुपये एकत्र किया.

स्वैच्छिक योगदान के अंतर्गत, राजनीतिक दलों ने चुनावी बॉन्ड के माध्यम से प्राप्त दान से अपनी आय का 70.93% या 1796.024 करोड़ रुपये एकत्र किया. इसके साथ ही अन्य दान एवं अंशदान वित्त वर्ष 2023-24 के लिए 321.822 करोड़ रुपये या 12.71% थे.

क्षेत्रीय दलों द्वारा घोषित आय के अन्य स्रोतों का हिस्सा 414.25 करोड़ रुपये है, जो कुल घोषित आय का 16.36% है. विश्लेषण किए गए 40 क्षेत्रीय दलों में से केवल 10 ने चुनावी बॉन्ड के माध्यम से 1796.024 करोड़ रुपये के दान की घोषणा की.

वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान 40 क्षेत्रीय दलों द्वारा कुल आय का 10.86% या 274.898 करोड़ रुपये ब्याज आय के माध्यम से अर्जित किया गया.


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