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Zeenews
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बिहार में राजद ने 8.715 करोड़ रुपये खर्च किए, जिसमें 90% से अधिक तेजस्वी यादव की यात्राओं पर खर्च हुआ. जेडीयू ने 31.376 करोड़ रुपये खर्च किए.

लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा किए गए खर्च से उनके प्रचार रणनीति और प्राथमिकताओं का अंदाजा लगाया जा सकता है. एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट में पांच राष्ट्रीय और 27 क्षेत्रीय दलों के चुनावी खर्च का विश्लेषण किया गया है. बिहार की प्रमुख विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने अपने कुल खर्च का 90 प्रतिशत से अधिक हिस्सा यात्राओं पर खर्च किया. निर्वाचन आयोग को प्रस्तुत ब्योरे के अनुसार, राजद ने कुल 8.715 करोड़ रुपये चुनाव प्रचार पर खर्च किए, जिसमें सबसे बड़ी राशि यात्रा मद में दर्शाई गई है.

मुख्य रूप से तेजस्वी यादव की यात्राओं पर यह खर्च हुआ, जिसमें सड़क मार्ग के साथ हेलीकॉप्टर यात्रा भी शामिल थी. पार्टी सूत्रों के अनुसार, अधिकांश खर्च तेजस्वी यादव की यात्रा संबंधी गतिविधियों पर केंद्रित था, जो दर्शाता है कि पार्टी का पूरा प्रचार अभियान उन्हीं के इर्द-गिर्द केंद्रित था. इससे राजद में व्यक्ति केंद्रित राजनीति की झलक भी मिलती है. दूसरी ओर, सत्तारूढ़ जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) ने चुनावी अभियान में कुल 31.376 करोड़ रुपये खर्च किए. जेडीयू ने यात्रा मद में सर्वाधिक व्यय किया, लेकिन प्रचार-प्रसार, जनसभाओं और प्रचार सामग्री पर भी महत्वपूर्ण खर्च किया गया.

प्रत्येक राजनीतिक दल को लोकसभा चुनाव की समाप्ति के 90 दिन और विधानसभा चुनाव के 75 दिन के भीतर अपने खर्च का विवरण निर्वाचन आयोग को सौंपना होता है. इस विवरण में प्राप्त कुल राशि और अलग-अलग मदों में किए गए खर्च को दर्शाया जाता है. इसमें प्रचार, यात्रा, विविध खर्च, प्रत्याशियों को दी गई राशि, उनके आपराधिक मामलों के प्रकाशन, डिजिटल प्रचार (सोशल मीडिया, ऐप्स आदि) पर हुए खर्च शामिल होते हैं.

जेडीयू ने समयबद्ध तरीके से चुनाव खर्च का ब्योरा केवल चार दिन की देरी से निर्वाचन आयोग को सौंपा, जबकि राजद और लोजपा (रामविलास) ने अपने विवरण क्रमशः 303 दिन की देरी से प्रस्तुत किए. गौरतलब है कि राष्ट्रीय दलों जैसे भाजपा और कांग्रेस का खर्च अधिक दिखाई देता है क्योंकि उनके खर्च का ब्योरा देशभर में हुए चुनावों को सम्मिलित करता है. वहीं, राजद, जेडीयू और लोजपा (रामविलास) का खर्च बिहार तक सीमित रहा. हालांकि, राजद ने आंध्र प्रदेश और लोजपा (रामविलास) ने अरुणाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में भी प्रत्याशी उतारे थे, परंतु इन चुनावों में किए गए खर्च की जानकारी निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध नहीं है.


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