दिल्ली विधानसभा चुनाव में उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों की ओर से नियमों का पालन न करने को लेकर एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) ने चिंता जाहिर की है। मंगलवार को जारी अपनी रिपोर्ट में ADR ने बताया कि 118 आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों में से 24(20%)के आपराधिक मामलों की जानकारी उनकी पार्टियों के द्वारा सार्वजनिक नहीं की गई और न ही उसका उचित कारण दिया गया।
दिल्ली विधानसभा चुनाव में कुल 699 उम्मीदवार मैदान में हैं। ADR की रिपोर्ट,जो फॉर्मेट C7 डेटा पर आधारित है, इस बात को उजागर करती है कि कई राजनीतिक दलों ने उन उम्मीदवारों को टिकट देने के कारण स्पष्ट नहीं किए,जिन पर आपराधिक मामले लंबित हैं, जबकि सुप्रीम कोर्ट ने इसका पालन करने का निर्देश दिया था।
रिपोर्ट के अनुसार 699 में से 118 उम्मीदवारों ने खुद के खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए हैं, जिनमें से 71 गंभीर आपराधिक मामलों का सामना कर रहे हैं। इन आरोपों में भ्रष्टाचार,दंगे और हिंसा शामिल हैं। जहां 94 उम्मीदवारों के आपराधिक रिकॉर्ड को प्रकाशित किया गया, वहीं 24 उम्मीदवारों की जानकारी या तो उपलब्ध नहीं थी या उनकी पार्टियों ने भी उसका खुलासा नहीं किया।
सुप्रीम कोर्ट ने राजनीतिक दलों को यह निर्देश दिया था कि वे केवल "चुनाव जीतने की संभावना" के आधार पर नहीं, बल्कि ठोस कारणों के साथ ऐसे उम्मीदवारों को टिकट देने की वजह स्पष्ट करें। बावजूद इसके,अधिकांश दल अस्पष्ट और दोहराव वाली सफाई देने में लगे रहे।
रिपोर्ट में बताया गया कि 22 राजनीतिक दलों ने ऐसे उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है जिनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। आम आदमी पार्टी (AAP),कांग्रेस और भाजपा (BJP) जैसी प्रमुख पार्टियों ने अपने अधिकांश उम्मीदवारों के लिए फॉर्मेट C7 प्रकाशित किया, लेकिन पीपुल्स पार्टी ऑफ इंडिया (डेमोक्रेटिक) और भारतीय राष्ट्रवादी पार्टी जैसी छोटी पार्टियां इस नियम का पालन करने में विफल रहीं।
कुछ पार्टियों ने संदेहास्पद तरीके अपनाए,जैसे कि एक ही तर्क को कई उम्मीदवारों के लिए दोहराया या यह दावा किया कि उनके खिलाफ मामले "राजनीतिक प्रतिशोध" के कारण दर्ज किए गए हैं। लेकिन, इसके लिए कोई ठोस प्रमाण नहीं दिया गया। ADR ने यह भी बताया कि AIMIM और नेशनल लोकतांत्रिक पार्टी ने अपने अलग-अलग उम्मीदवारों के लिए एक ही जवाब की नकल की।
सबसे अधिक आपराधिक मामलों वाले उम्मीदवारों में अमानतुल्लाह खान (AAP) के खिलाफ 19, अरविंद केजरीवाल (AAP) के खिलाफ 15 और मोहम्मद ताहिर हुसैन (AIMIM) के खिलाफ 11 मामले दर्ज हैं, जिनमें 38 गंभीर आरोप शामिल हैं।
राजनीतिक दलों ने इन उम्मीदवारों को टिकट देने के लिए उनके राजनीतिक अनुभव,लोकप्रियता और यह दावा करने का हवाला दिया कि उनके खिलाफ मामले राजनीति से प्रेरित हैं। हालांकि,इन तर्कों में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि साफ छवि वाले उम्मीदवारों को क्यों नजरअंदाज किया गया?
ADR की रिपोर्ट ने राजनीति में अपराधीकरण और धनबल के गठजोड़ को भी उजागर किया है। 118 आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों में से 84(71 प्रतिशत)करोड़पति हैं। सबसे अधिक संपत्ति घोषित करने वाले शीर्ष तीन उम्मीदवारों में BJP के मनजिंदर सिंह सिरसा (₹248 करोड़), कांग्रेस के गुरचरण सिंह (₹130 करोड़) और BJP के प्रवेश साहिब सिंह (₹115 करोड़) शामिल हैं।
ADR ने राजनीति के अपराधीकरण को रोकने के लिए कई महत्वपूर्ण सुधारों की सिफारिश की है। इनमें नियमों को नहीं मानने वाली पार्टियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई,नेताओं के खिलाफ आपराधिक मामलों को तेजी से सुनवाी करके निपटाना,गंभीर आरोपों का सामना कर रहे उम्मीदवारों पर प्रतिबंध लगाना और मामलों को दबाने के लिए वित्तीय दंड लगाना भी शामिल है।
बता दें कि 70 सदस्यीय दिल्ली विधानसभा के लिए चुनाव बुधवार (5 फरवरी) को होंगे और मतगणना शनिवार (8 फरवरी) को होगी।
