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Source
Zee News
Author
K Raj Mishra
Date

Jharkhand Assembly Election 2024: पहले चरण में 683 में 158 आपराधिक छवि के प्रत्याशी हैं. इनमें से 26 फीसदी पर आपराधिक मामले दर्ज हैं. वहीं 19 फीसदी पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं.

Jharkhand Chunav 2024: झारखंड के पहले चरण में दागी उम्मीदवारों की भरमार! सबसे ज्यादा BJP से, देखें दूसरे नंबर पर कौन सा दल?

Jharkhand Vidhan Sabha Chunav 2024: झारखंड विधानसभा चुनाव के पहले चरण में अब ज्यादा वक्त नहीं बचा है. पहले चरण की 43 सीटों पर 13 नवंबर को वोटिंग होनी है. पहले चरण में 683 उम्मीदवार मैदान में हैं. एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिमार्म्स (ADR) ने पहले चरण के उम्मीदवारों द्वारा दाखिल हलफनामों पर रिपोर्ट प्रकाशित की है, जो काफी चौंकाने वाली है. ADR की रिपोर्ट के मुताबिक, पहले चरण में 683 में 158 आपराधिक छवि के प्रत्याशी हैं. इन उम्मीदवारों पर एक नहीं बल्कि कई कांड दर्ज हैं. इनमें से 26 फीसदी पर आपराधिक मामले दर्ज हैं. वहीं 19 फीसदी पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं.

दलों के हिसाब से बात करें तो सबसे ज्यादा दागी उम्मीदवार बीजेपी के हैं. बीजेपी के 36 में से 20 उम्मीदवारों (56%) पर आपराधिक मामले दर्ज हैं. इसके बाद कांग्रेस के 17 उम्मीदवारों में से 11 (65%), जेएमएम के 23 उम्मीदवारों में से 11 (48%), बसपा के 29 उम्मीदवारों में से 8 (28%) के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं. राजद के 5 उम्मीदवारों में से 3 और जेडीयू के दोनों उम्मीदवारों ने अपने हलफनामों में अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए हैं.

गंभीर आपराधिक मामले वाले उम्मीदवारों की बात करें तो प्रमुख दलों में से बीजेपी के 36 उम्मीदवारों में से 15 (42%) ने अपने खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले घोषित किए हैं. वहीं, कांग्रेस के 17 उम्मीदवारों में से 8 (47%), जेएमएम के 23 उम्मीदवारों में से 7 (30%), बसपा के 29 उम्मीदवारों में से 6 (21%), राजद के 5 उम्मीदवारों में से 3 (60%) और जेडीयू के 2 उम्मीदवारों में से 2 (100%) के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं.

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गंभीर आपराधिक केस का सामना कर रहे लोगों को टिकट देने वाली पार्टियों में जेडीयू सबसे आगे है. उसके 100 फीसदी उम्मीदवारों पर गंभीर आपराधिक केस दर्ज हैं. दूसरे नंबर पर कांग्रेस पार्टी है. उसके 17 में से 8 (47 प्रतिशत) प्रत्याशियों पर गंभीर आपराधिक मामले चल रहे हैं. बीजेपी के 36 में से 15 (42 प्रतिशत) वहीं जेएमएम के 23 में से 7 (30 प्रतिशत) पर गंभीर आपराधिक केस दर्ज हैं.


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