Chandrababu Naidu Rs 6755 Crore Dairy Empire: देश के सबसे अधिक संपत्ति वाले मुख्यमंत्री की चर्चा आती है तो उसमें सबसे ऊपर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू का नाम है. एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, चंद्रबाबू नायडू की घोषित संपत्ति 931 करोड़ रुपये है. देश के मौजूदा सभी 30 मुख्यमंत्रियों के पास कुल 1632 करोड़ रुपये की संपत्ति है, जिसमें से आधे से ज्यादा यानी करीब 57 प्रतिशत हिस्सा चंद्रबाबू का है. चंद्रबाबू नायडू को ये संपत्ति ना विरासत में मिली है और ना ही किसी अपुष्ट सोर्स से मिली है, बल्कि उन्होंने यह कमाई करीब 30 साल पहले स्थापित बिजनेस हेरिटेज फूड्स लिमिटेड से की है.
चंद्रबाबू नायडू ने साल 1992 में हेरिटेज फूड्स लिमिटेड की स्थापना की थी. तब भारत का डेयरी क्षेत्र आर्थिक सुधारों के तहत निजी निवेश के लिए खुल रहा था. महज 7,000 रुपये की प्रारंभिक पूंजी के साथ शुरू हुई हेरिटेज फूड्स लिमिटेड साल 1994 में शेयर बाजार में लिस्टेड हुई. इसका आईपीओ 54 गुना सब्सक्राइब हुआ, जिससे 6.5 करोड़ रुपये जुटाए गए. तीन दशकों में हेरिटेज फूड्स लिमिटेड ने 17 राज्यों में उपस्थिति दर्ज कराई और लगभग 3 लाख डेयरी किसानों के साथ साझेदारी के साथ एक ब्रांड के रूप में विकसित हुआ है. कंपनी का टर्नओवर वित्त वर्ष 2000 में करीब 100 करोड़ रुपये था, जो वित्त वर्ष 2025 तक बढ़कर 4500 करोड़ रुपये हो गया है. जून 2024 के दौरान कंपनी का पूंजीगत बाजार मूल्य अपने अब तक के उच्चतम स्तर 67,550,000,000 रुपये (6,755 करोड़ रुपये) पर पहुंच गया.
चंद्रबाबू नायडू के पास नहीं हैं कंपनी के शेयर
हेरिटेज फूड्स लिमिटेड का एक भी शेयर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू के पास नहीं है. कंपनी की 24.37 प्रतिशत हिस्सेदारी चंद्रबाबू नायडू की पत्नी भुवनेश्वरी नारा के पास है, जिसको चंद्रबाबू की संपत्ति में गिना जाता है. नारा परिवार के पास हेरिटेज फूड्स का कुल 41.3 प्रतिशत हिस्सा है, जिसका पूंजीगत बाजार मूल्य 4,381 करोड़ रुपये है.
उथल-पुथल से भरा रहा चंद्रबाबू नायडू का राजनीतिक सफर
चंद्रबाबू नायडू का सफर राजनीतिक उथल-पुथल से भरा रहा है. आंध्र प्रदेश के चार बार मुख्यमंत्री रह चुके नायडू ने सत्ता और विपक्ष में बारी-बारी से रहे हैं. 2019 के चुनावी झटकों के बाद चंद्रबाबू नायडू ने 2024 में सत्ता में वापसी की. इस दौरान उन्हें कई उथल-पुथल भरे दौर से गुजरना पड़ा. चंद्रबाबू नायडू ने हमेशा से खुद को लगातार एक तकनीकी रूप से उन्नत नेता के रूप में पेश किया है और अविभाजित आंध्र प्रदेश में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने हैदराबाद को 'साइबराबाद' का नाम दिया था. हाल ही में आंध्र प्रदेश के विकास के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, उच्च तकनीक निर्माण और क्वांटम कंप्यूटिंग के महत्व पर जोर दिया है.
