India's Chief Ministers Net Worth: भारत में मुख्यमंत्री बनने का मतलब सिर्फ सत्ता नहीं, बल्कि संपत्ति और विवादों से भी गहरा नाता है। चुनाव सुधार से जुड़ी NGO एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) और नेशनल इलेक्शन वॉच (NEW) की ताजा रिपोर्ट ने देश के मौजूदा मुख्यमंत्रियों की संपत्ति और आपराधिक मामलों का एक रिपोर्ट जारी की है।
इस रिपोर्ट में बताया गया है कि देश के किस मुख्यमंत्री के पास कितनी संपत्ति है और किन-किन मुख्यमंत्रियों के ऊपर कितने क्रिमिनल केस दर्ज हैं। देश के मौजूदा 30 मुख्यमंत्रियों के पास 1632 करोड़ रुपये की संपत्ति है।
🔴 देश सबसे अमीर CM: चंद्रबाबू नायडू
🔴 सबसे कम संपत्ति वाली CM: ममता बनर्जी
🔴 देश के 5 सबसे अमीर CM की लिस्ट (Top 5 Richest CM of India)
🔹 1. चंद्रबाबू नायडू (आंध्र प्रदेश) ₹931.8 करोड़
🔹 2. पेमा खांडू (अरुणाचल प्रदेश): ₹332.5 करोड़ (इन पर ₹180 करोड़ से ज्यादा का कर्ज है।)
🔹 3. सिद्धारमैया (कर्नाटक): ₹51.9 करोड़
🔹 4. नेफ्यू रियो (नगालैंड): ₹46.9 करोड़
🔹 5. मोहन यादव (मध्य प्रदेश): ₹42 करोड़
🔴 देश के 5 सबसे कम पैसे वाले CM की लिस्ट (Top 5 Poorest CM of India)
🔹 1. ममता बनर्जी (प. बंगाल): ₹15.3 लाख
🔹2. उमर अब्दुल्ला (जम्मू-कश्मीर): ₹55.2 लाख
🔹 3. पिनराई विजयन (केरल): ₹1.18 करोड़
🔹 4. भजनलाल शर्मा (राजस्थान): ₹1.46 करोड़
🔹 5. योगी आदित्यनाथ (उत्तर प्रदेश): ₹1.54 करोड़
🔴 देश के 40% मुख्यमंत्री आरोपी!
ADR की रिपोर्ट के मुताबिक, देश के 30 में से 12 मुख्यमंत्री (40%) पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें से 10 (33%) पर गंभीर केस हैं, जैसे हत्या की कोशिश, किडनैपिंग और रिश्वतखोरी।
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के खिलाफ सबसे ज्यादा 89 आपराधिक मामले दर्ज पाए गए हैं। यह रिपोर्ट ऐसे वक्त में सामने आई है, जब केंद्र सरकार तीन नए बिल लेकर आई है। इन बिलों के मुताबिक, अगर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मंत्री के खिलाफ गंभीर आपराधिक आरोप हों और उन्हें 30 दिन से ज्यादा हिरासत में रहना पड़े, तो वे अपने पद के लिए अयोग्य घोषित कर दिए जाएंगे।
ADR ने इस अध्ययन के लिए देश के 27 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों के कुल 30 मौजूदा मुख्यमंत्रियों के हलफनामों का विश्लेषण किया। ये हलफनामे उन्हीं चुनावों से पहले दाखिल किए गए थे, जिनमें इन नेताओं ने आखिरी बार हिस्सा लिया था।
🔴 सबसे ज्यादा क्रिमिनल केस वाले CM की लिस्ट
🔹 रेवंत रेड्डी (कांग्रेस, तेलंगाना): 89 केस
🔹 एमके स्टालिन (DMK, तमिलनाडु): 47 केस
🔹 चंद्रबाबू नायडू (TDP, आंध्र प्रदेश): 19 केस
🔹 सिद्धारमैया (कांग्रेस, कर्नाटक): 13 केस
🔹हेमंत सोरेन (JMM, झारखंड): 5 केस
🔹 देवेंद्र फडणवीस (भाजपा, महाराष्ट्र): 4 केस
🔹 सुखविंदर सिंह (कांग्रेस, हिमाचल): 4 केस
🔹पिनराई विजयन (CPI (M), केरल): 2 केस
🔹 भगवंत मान (AAP, पंजाब): 1 केस
🔴 गैर-मान्यता प्राप्त पार्टियों की आय 223% बढ़ी!
ADR की एक और रिपोर्ट में सामने आया कि गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक पार्टियों (RUPP) की आय 2022-23 में 223% बढ़ी। देश में ऐसी 2764 पार्टियां हैं। इनमें से 73% (2025 पार्टियां) ने अपना वित्तीय रिकॉर्ड सार्वजनिक नहीं किया। सिर्फ 739 पार्टियों का डेटा उपलब्ध है। गुजरात की 5 RUPP पार्टियों ने मिलकर ₹2316 करोड़ की आय दिखाई, जबकि पिछले 5 साल में उन्हें सिर्फ 22 हजार वोट मिले।
