तमिलनाडु चुनाव में लगभग 18% उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें कई पर गंभीर मामले भी शामिल हैं। साथ ही आर्थिक रूप से बड़ी असमानता दिखी है, जहां करीब एक चौथाई प्रत्याशी करोड़पति हैं और औसत संपत्ति पिछले चुनाव से काफी बढ़ी है। एडीआर की रिपोर्ट में क्या खुलासा किया गया है,
एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की रिपोर्ट के अनुसार, तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में 18 फीसदी उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं, एक चौथाई उम्मीदवार करोड़पति हैं।
तमिलनाडु में 3992 उम्मीदवारों में से 722 (18%) ने अपने खिलाफ आपराधिक केस की जानकारी दी है। इनमें 404 (10%) पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।
प्रमुख दलों की बात करें तो अन्नाद्रमुक के 69%, टीवीके के 40%, द्रमुक के 40%, भाजपा के 48% और कांग्रेस के 50% उम्मीदवारों ने अपने हलफनामों में आपराधिक मामलों का जिक्र किया है।
आर्थिक स्थिति के लिहाज से भी चुनावी मैदान में असमानता साफ दिखती है। कुल 25% (981) उम्मीदवार करोड़पति हैं, जबकि 22 उम्मीदवारों की संपत्ति 100 करोड़ रुपये से अधिक है। प्रति उम्मीदवार औसत संपत्ति की बात करें, 5.17 करोड़ है, जो 2021 के 1.72 करोड़ से काफी अधिक है। वहीं चार उम्मीदवारों ने शून्य संपत्ति घोषित की है। 46% उम्मीदवार स्नातक हैं। 43% की शिक्षा 5वीं से 12वीं के बीच है। इसके अलावा 95 उम्मीदवार निरक्षर और 56 सिर्फ साक्षर हैं। सिर्फ 11% उम्मीदवार महिलाएं हैं।
