ADR और वेस्ट बंगाल इलेक्शन वॉच की रिपोर्ट के मुताबिक पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव‑2026 में 294 में से 129 सीटें (44%) ‘रेड अलर्ट’ हैं. 23% उम्मीदवारों पर आपराधिक, 20% पर गंभीर मामले हैं. महिला उम्मीदवार सिर्फ 13% हैं.
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव‑2026 में आपराधिक पृष्ठभूमि और महिलाओं की कम भागीदारी को लेकर एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) और वेस्ट बंगाल इलेक्शन वॉच की ताजा रिपोर्ट ने गंभीर तस्वीर पेश की है. दोनों चरणों में चुनावी मैदान में उतरे 2926 में से 2920 उम्मीदवारों के स्वयं‑घोषित आपराधिक मामलों और निजी संपत्ति के विश्लेषण के आधार पर रिपोर्ट जारी की गई है.
44% सीटें ‘रेड अलर्ट'
रिपोर्ट के अनुसार, इस बार राज्य की 294 विधानसभा सीटों में से 129 सीटें (44%) ‘रेड अलर्ट' घोषित की गई हैं. ‘रेड अलर्ट' वे निर्वाचन क्षेत्र होते हैं जहां तीन या उससे अधिक उम्मीदवारों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए हैं. तुलनात्मक रूप से, 2021 के विधानसभा चुनाव में ऐसी सीटों की संख्या 78 (27%) थी. यानी पांच साल में लगभग 17 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है.
23% उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले
कुल 2920 उम्मीदवारों में से 683 (23%) ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए हैं, जबकि 589 (20%) उम्मीदवारों ने गंभीर आपराधिक मामलों की जानकारी दी है. रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि 35 उम्मीदवारों ने हत्या (IPC‑302) से जुड़े मामले घोषित किए हैं. 185 उम्मीदवारों ने हत्या के प्रयास के मामले दर्ज होने की बात कही है. 192 उम्मीदवारों ने महिलाओं के खिलाफ अपराधों से जुड़े मामलों का खुलासा किया है.
महिला उम्मीदवार सिर्फ 13%
पश्चिम बंगाल इलेक्शन वॉच के अनुसार, 2026 के विधानसभा चुनाव में केवल 385 महिला उम्मीदवार (13%) चुनावी मैदान में हैं. जबकि 2021 के चुनाव में विश्लेषित 2130 उम्मीदवारों में 240 महिलाएं (11%) थीं. यानी महिला भागीदारी में मामूली बढ़ोतरी जरूर हुई है, लेकिन कुल हिस्सेदारी अब भी बेहद कम बनी हुई है.
शैक्षणिक योग्यता की प्रोफाइल
शैक्षणिक पृष्ठभूमि के विश्लेषण में भी रोचक तथ्य सामने आए हैं. 1354 उम्मीदवार (46%) ने अपनी योग्यता 5वीं से 12वीं कक्षा के बीच बताई है. 1419 उम्मीदवार (49%) स्नातक या उससे ऊपर शिक्षित हैं. 49 उम्मीदवार डिप्लोमा धारक हैं. 68 उम्मीदवार खुद को केवल साक्षर बताते हैं. 30 उम्मीदवार निरक्षर घोषित किए गए हैं.
ADR और वेस्ट बंगाल इलेक्शन वॉच ने अपनी रिपोर्ट में आगाह किया है कि उच्च अपराध‑प्रवृत्ति वाले उम्मीदवारों की बढ़ती संख्या और महिलाओं की कम भागीदारी लोकतंत्र की गुणवत्ता पर सीधा असर डालती है. संगठनों ने मतदाताओं से उम्मीदवारों की पृष्ठभूमि की जानकारी के आधार पर विवेकपूर्ण मतदान करने की अपील की है.
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव‑2026 सिर्फ राजनीतिक मुकाबला नहीं, बल्कि अपराध, प्रतिनिधित्व और पारदर्शिता की ऐसी परीक्षा बनता दिख रहा है, जिसमें मतदाता की जागरूकता ही सबसे बड़ी कसौटी साबित होगी.
