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Source
प्रभात खबर
Author
Mithilesh Jha
Date

West Bengal Election 2026 ADR Report: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण का रण और भी दिलचस्प और चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है. एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की ताजा रिपोर्ट ने दूसरे चरण के उम्मीदवारों की आर्थिक और आपराधिक कुंडली खोलकर रख दी है.

16 उम्मीदवारों पर हत्या जैसे संगीन आरोप

रिपोर्ट के मुताबिक, इस चरण में ताल ठोंक रहे 22 प्रतिशत प्रत्याशी करोड़पति हैं. लगभग 23 प्रतिशत उम्मीदवारों का पुराना नाता अपराध की दुनिया से रहा है. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि 16 उम्मीदवारों पर हत्या जैसे संगीन मामले दर्ज हैं.

दागी उम्मीदवार देने में BJP और CPIM सबसे आगे

एडीआर ने 1,445 उम्मीदवारों के हलफनामों का गहन विश्लेषण किया. इसमें अपराध का ग्राफ काफी ऊपर नजर आ रहा है.

  • 338 (23 प्रतिशत) उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं. इनमें से 295 (20 प्रतिशत) पर हत्या, हत्या के प्रयास और अपहरण जैसे गंभीर आरोप हैं.
  • आपराधिक मामलों में भाजपा सबसे आगे है. इस पार्टी के 72 प्रतिशत उम्मीदवारों पर केस दर्ज हैं. इसके बाद माकपा (51 प्रतिशत), टीएमसी (35 प्रतिशत) और कांग्रेस (26 प्रतिशत) का नंबर आता है.
  • 16 उम्मीदवारों ने खुद स्वीकार किया है कि उन पर हत्या का मुकदमा चल रहा है, जबकि 80 उम्मीदवारों पर हत्या के प्रयास का आरोप है.

142 में 63 विधानसभा रेड अलर्ट निर्वाचन क्षेत्र

रिपोर्ट में राज्य के 142 निर्वाचन क्षेत्रों में से 63 (44 प्रतिशत) को ‘रेड अलर्ट’ क्षेत्र घोषित किया गया है. ये वे सीटें हैं, जहां 3 या उससे अधिक उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं. ऐसे में इन इलाकों में शांतिपूर्ण मतदान कराना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होगी.

करोड़पतियों की फौज, TMC के 73 प्रतिशत प्रत्याशी रईस

  • कुल 321 उम्मीदवार ऐसे हैं, जिनकी संपत्ति एक करोड़ रुपए से अधिक है.
  • तृणमूल कांग्रेस के 73 प्रतिशत उम्मीदवार करोड़पति हैं. भाजपा के 52 प्रतिशत, कांग्रेस के 25 प्रतिशत और माकपा के 33 प्रतिशत प्रत्याशी इस क्लब में शामिल हैं.
  • दूसरे चरण के प्रत्येक उम्मीदवार की औसत संपत्ति 1.21 करोड़ रुपए है. हालांकि, पार्टीवार देखें, तो टीएमसी उम्मीदवारों की औसत संपत्ति सबसे ज्यादा 5.05 करोड़ रुपए है.

West Bengal Election 2026 ADR Report: आमने-सामने की जंग

एडीआर की इस रिपोर्ट ने साफ कर दिया है कि बंगाल की सत्ता तक पहुंचने का रास्ता काफी ‘महंगा’ और ‘पथरीला’ है. एक तरफ जहां पार्टियों ने अमीर चेहरों पर भरोसा जताया है, तो दूसरी तरफ दागी उम्मीदवारों की बड़ी संख्या ने चुनाव आयोग की चिंता बढ़ा दी है.

 


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