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Source
Asianet News Hindi
Author
Surya Prakash Tripathi
Date

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 में ADR रिपोर्ट के मुताबिक 44% “रेड अलर्ट” सीटें, 23% उम्मीदवारों पर आपराधिक केस, करोड़पति प्रत्याशी बढ़े। TMC सबसे अमीर, BJP में सबसे ज्यादा केस। मतुआ वोट, रोजगार, भ्रष्टाचार और शासन बने बड़े मुद्दे।

West Bengal Election 2026 Red Alert Seats: एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (Association for Democratic Reforms (ADR)) की ताज़ा रिपोर्ट ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, 129 सीटें (44%) “रेड अलर्ट” श्रेणी में आ चुकी हैं-जहां तीन या उससे अधिक उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। यह आंकड़ा 2021 के 27% से तेज़ी से बढ़ा है, जो चुनावी राजनीति में अपराधीकरण के गहराते प्रभाव का संकेत देता है।

उम्मीदवारों पर आपराधिक छाया-लोकतंत्र पर असर?

एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) के विश्लेषण में सामने आया कि 2,920 उम्मीदवारों में से 23% ने अपने ऊपर आपराधिक मामलों की घोषणा की है, जबकि 20% गंभीर आरोपों का सामना कर रहे हैं। यह स्थिति बताती है कि चुनावी मैदान में साफ-सुथरी छवि वाले उम्मीदवारों की हिस्सेदारी सीमित होती जा रही है, जो मतदाताओं के लिए चिंता का विषय है।

कौन आगे, कौन पीछे-राजनीतिक दलों की स्थिति

Bharatiya Janata Party (BJP) के 71% उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले हैं, जो प्रमुख दलों में सबसे अधिक है। वहीं All India Trinamool Congress (TMC) के 39%, CPI(M) के 47% और कांग्रेस के 26% उम्मीदवार इस श्रेणी में आते हैं। गंभीर मामलों में भी BJP आगे है, जिससे चुनावी नैतिकता पर बहस तेज हो गई है।

बढ़ती संपत्ति-क्या चुनाव बन गया है ‘अमीरों का खेल’?

इस बार 22% उम्मीदवार करोड़पति हैं, जो 2021 के 18% से अधिक है। औसत संपत्ति 1.27 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। TMC के उम्मीदवार सबसे अमीर पाए गए, जिनकी औसत संपत्ति 5.39 करोड़ रुपये है। यह ट्रेंड चुनावों में धनबल की बढ़ती भूमिका को उजागर करता है।

मतुआ समुदाय और पहचान की राजनीति-निर्णायक फैक्टर

करीब 50 सीटों पर प्रभाव रखने वाला मतुआ समुदाय इस बार गेम-चेंजर साबित हो सकता है। Mamata Banerjee की TMC और BJP दोनों इस वर्ग को साधने में जुटी हैं, जबकि वोटर लिस्ट से जुड़े विवाद ने समीकरण और जटिल बना दिए हैं।

महिलाओं के खिलाफ अपराध और कम भागीदारी-एक और चिंता

192 उम्मीदवारों ने महिलाओं के खिलाफ अपराधों से जुड़े मामले घोषित किए हैं, जिनमें कुछ पर गंभीर आरोप भी हैं। वहीं महिला उम्मीदवारों की हिस्सेदारी सिर्फ 13% है-जो प्रतिनिधित्व के असंतुलन को दर्शाती है।


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