Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल चुनाव के पहले चरण में उम्मीदवारों की संपत्ति और आपराधिक रिकॉर्ड का खुलासा हुआ है. कोई करोड़पति है तो कोई सिर्फ 500 रुपये का मालिक.
Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में कुल 1,478 उम्मीदवार मैदान में हैं. इनमें से करीब 20 प्रतिशत उम्मीदवार करोड़पति हैं. यह आंकड़े एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक राइट्स (ADR) और वेस्ट बंगाल इलेक्शन वॉच (WBEW) की रिपोर्ट में सामने आए हैं. रिपोर्ट के अनुसार, ज्यादातर उम्मीदवारों ने अपनी संपत्ति और आपराधिक मामलों की जानकारी हलफनामे में दी है. इससे चुनावी मैदान में खड़े उम्मीदवारों की आर्थिक और सामाजिक स्थिति का साफ अंदाजा मिलता है.
करोड़पति उम्मीदवारों का दबदबा
रिपोर्ट के मुताबिक, कुल 228 उम्मीदवारों की संपत्ति 1 से 5 करोड़ रुपये के बीच है. वहीं 46 उम्मीदवारों के पास 5 से 10 करोड़ रुपये तक की संपत्ति है और 35 उम्मीदवार ऐसे हैं जिनकी संपत्ति 10 करोड़ रुपये से भी ज्यादा है. सबसे ज्यादा करोड़पति उम्मीदवार तृणमूल कांग्रेस (TMC) से हैं. औसत संपत्ति के मामले में भी टीएमसी आगे है, जहां एक उम्मीदवार की औसत संपत्ति करीब 5.7 करोड़ रुपये है. इसके मुकाबले बीजेपी के उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 2.5 करोड़, कांग्रेस की 2 करोड़ और सीपीआईएम की करीब 92 लाख रुपये है.
सबसे अमीर उम्मीदवार कौन
अगर सबसे अमीर उम्मीदवार की बात करें, तो जंगीपुर सीट से टीएमसी के जाकिर हुसैन सबसे ऊपर हैं. उनकी कुल संपत्ति 133 करोड़ रुपये से ज्यादा बताई गई है. उनके बाद बरजोरा से गौतम मिश्रा (करीब 105 करोड़ रुपये) और दुर्गापुर पश्चिम से कवि दत्ता (करीब 72 करोड़ रुपये) का नाम आता है. इन आंकड़ों से साफ है कि चुनाव में कई बड़े कारोबारी और प्रभावशाली लोग भी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं.
सबसे गरीब उम्मीदवार की स्थिति
दूसरी ओर, कुछ उम्मीदवार ऐसे भी हैं जिनकी संपत्ति बेहद कम है. सबसे गरीब उम्मीदवार दुर्गापुर पूर्व सीट से आम जनता उन्नयन पार्टी की रुबिया बेगम हैं, जिनके पास सिर्फ 500 रुपये की संपत्ति है. उनके बाद सुश्रिता सरेन (700 रुपये) और जशोदा बर्मन (924 रुपये) का नाम आता है. यह आंकड़े दिखाते हैं कि चुनावी मैदान में अमीरी और गरीबी के बीच कितना बड़ा अंतर है.
आपराधिक मामलों का भी खुलासा
रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि 23 प्रतिशत उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं, जबकि 20 प्रतिशत पर गंभीर आरोप हैं. बीजेपी के कई उम्मीदवारों पर सबसे ज्यादा मामले दर्ज हैं, वहीं टीएमसी के भी कई उम्मीदवार इस सूची में शामिल हैं. कुछ मामलों में हत्या, हत्या के प्रयास और बलात्कार जैसे गंभीर आरोप भी शामिल हैं. इससे चुनावी राजनीति में पारदर्शिता और साफ-सुथरी छवि को लेकर सवाल उठते हैं.
