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Source
प्रभात खबर
Author
Mithilesh Jha
Date

ADR Report West Bengal Election 2026

ADR Report West Bengal Election 2026: ADR की रिपोर्ट में बंगाल चुनाव के पहले चरण के उम्मीदवारों का विश्लेषण किया गया है. भाजपा के 70 फीसदी उम्मीदवार दागी हैं, जबकि टीएमसी के प्रत्याशी सबसे अमीर हैं. 66 सीटों को ‘रेड अलर्ट’ घोषित किया गया है.

ADR Report West Bengal Election 2026: बंगाल चुनाव 2026 के पहले चरण के रण में उतरे उम्मीदवारों की कुंडली सामने आ गयी है. एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) और पश्चिम बंगाल इलेक्शन वॉच की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, पहले चरण के 23 प्रतिशत उम्मीदवारों पर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं. चौंकाने वाली बात यह है कि अदालतों की सख्ती के बावजूद राजनीतिक दल साफ-सुथरी छवि के बजाय जिताऊ उम्मीदवारों पर ही दांव लगा रहे हैं. करोड़पति उम्मीदवारों के मामले में सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) सबसे आगे है.

दागी प्रत्याशियों में भाजपा नं-1, गंभीर अपराधों की भरमार

एडीआर ने 1,475 उम्मीदवारों के हलफनामों का विश्लेषण किया है, जिसमें अपराध और राजनीति का गहरा गठजोड़ दिखा.

  • पार्टीवार स्थिति : भाजपा के सबसे ज्यादा 70 प्रतिशत (152 में से 106) उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं. इसके बाद टीएमसी के 43 प्रतिशत, माकपा के 43 प्रतिशत और कांग्रेस के 26 प्रतिशत उम्मीदवारों ने अपने खिलाफ केस होने की बात कबूल की है.
  • गंभीर आरोप : कुल 294 उम्मीदवारों पर हत्या, हत्या के प्रयास और दुष्कर्म जैसे गंभीर आरोप दर्ज हैं. इनमें 19 पर हत्या और 98 पर महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले हैं.
  • रेड अलर्ट निर्वाचन क्षेत्र : पहले चरण की 152 सीटों में से 66 सीटों को ‘रेड अलर्ट’ निर्वाचन क्षेत्र घोषित किया गया है. ये वे क्षेत्र हैं, जहां 3 या उससे अधिक उम्मीदवारों पर आपराधिक केस दर्ज हैं.

टीएमसी उम्मीदवारों के पास सबसे ज्यादा दौलत

सिर्फ बाहुबल ही नहीं, धनबल के मामले में भी यह चुनाव काफी ‘भारी’ है.

  • औसत संपत्ति : पहले चरण के उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 1.34 करोड़ रुपए है.
  • सबसे अमीर दल : तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवारों की औसत संपत्ति सबसे अधिक 5.70 करोड़ रुपए आंकी गयी है.
  • कुल करोड़पति : बंगाल चुनाव के मैदान में उतरे 309 उम्मीदवार (21 प्रतिशत) करोड़पति हैं.

आधी आबादी की भागीदारी अब भी कम

रिपोर्ट में महिला प्रतिनिधित्व को लेकर निराशाजनक तस्वीर सामने आयी है. पहले चरण में कुल 1,478 उम्मीदवारों में से सिर्फ 167 महिलाएं (11 प्रतिशत) ही चुनाव लड़ रही हैं. राजनीतिक जानकारों का कहना है कि महिला वोटर्स को लुभाने के तमाम वादों के बीच टिकट बंटवारे में उन्हें अब भी उचित स्थान नहीं मिल पाया है.


abc