Nitish Cabinet ADR Report: नीतीश कुमार की अगुवाई में गठित बिहार की नई सरकार में बने 26 मंत्रियों में करीब आधे के खिलाफ आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं. वहीं ज्यादातर मंत्री करोड़पति हैं. कुछ मंत्रियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी जैसे गंभीर आरोप हैं. एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) बिहार के मंत्रियों को लेकर अपनी ताजा रिपोर्ट जारी की है.
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हमेशा ट्रिपल C यानी क्राइम, करप्शन और कम्युनल पर कोई समझौता नहीं करने का दावा करते हैं, लेकिन एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की ताजा रिपोर्ट कुछ और ही संकेत दे रहा है. चुनाव में एनडीए की 202 सीटों की प्रचंड जीत के बाद बनी सरकार में बिहार के लगभग आधे मंत्रियों पर क्रिमिनल केस हैं और लगभग सभी की संपत्ति करोड़ों में है.
एडीआर की रिपोर्ट में बिहार विधानसभा 2025 में मंत्रियों के क्रिमिनल इतिहास, आर्थिक संपन्नता, शिक्षा , जेंडर समेत अन्य डिटेल्स का एनालिसिस नाम के डॉक्यूमेंट में 24 मंत्रियों के एफिडेविट का रिव्यू किया गया है.
नीतीश कैबिनेट में 11 मंत्रियों के खिलाफ आपराधिक केस
रिपोर्ट में बताया गया है कि बिहार के लगभग आधे मंत्रियों पर क्रिमिनल केस हैं. लगभग सभी की संपत्ति करोड़ों में है. शपथ लेने वाले 26 मंत्रियों में से 11 के खिलाफ आपराधिक मुकदमे हैं. उनमें से नौ के खिलाफ दंगा, सरकारी कर्मचारियों पर हमला, धोखाधड़ी, जालसाजी, गंभीर चोट और चुनावी अपराध जैसे गंभीर आरोप हैं
नीतीश कैबिनेट के ज्यादातर मंत्री करोड़पति
रिपोर्ट में कहा गया है कि क्रिमिनल आरोप पार्टी लाइन से अलग हैं. BJP के छह मंत्रियों पर क्रिमिनल केस हैं, JD(U) के दो पर ऐसे ही केस हैं, LJP(RV) के दोनों मंत्रियों का नाम शिकायतों में है और HAM(S) के एकमात्र मंत्री पर भी गंभीर आरोप हैं. हालांकि किसी का दोष कोर्ट में साबित नहीं हो पाया है.
रिपोर्ट कहता है कि नीतीश कुमार की नई कैबिनेट आर्थिक रूप से काफी मजबूत है, क्योंकि 24 में से 21 मंत्रियों के पास एक करोड़ से ज़्यादा की संपत्ति है. औसत घोषित संपत्ति Rs 5.32 करोड़ से थोड़ी ज़्यादा है.
बीजेपी कोटे से मंत्री बने रामा निषाद 31.86 करोड़ की संपत्ति के साथ सबसे धनी मंत्री हैं. वहीं एलजेपी (रामविलास) के कोटे के मंत्री बने संजय कुमार सबसे गरीब मंत्री हैं. उनके पास 22.3 लाख की संपत्ति है. वहीं उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा के ऊपर 82.33 लाख रुपये की सबसे ज्यादा देनदारी बकाया है.
