Bihar Chunav Phase 2 Candidate Net Worth: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 अब अपने निर्णायक मोड़ पर है। दूसरे चरण की वोटिंग 11 नवंबर को होगी और नतीजे 14 नवंबर को आएंगे। इस फेज में कुल 20 जिलों की 122 विधानसभा सीटों पर वोट डाले जाएंगे। इनमें 101 सामान्य, 19 अनुसूचित जाति और 2 अनुसूचित जनजाति की सीटें शामिल हैं।
इस चरण में 3 करोड़ 70 लाख 13 हजार 556 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे, जबकि 1302 उम्मीदवार मैदान में किस्मत आजमा रहे हैं। लेकिन इन उम्मीदवारों में से कितने नेता असली मायनों में 'धनवान' हैं, यह आंकड़े चौंकाने वाले हैं। चुनावी अखाड़े में इस बार भी 'पैसे वाले' उम्मीदवारों का बोलबाला है।
🔹 बिहार चुनाव के दूसरे चरण में करोड़पति उम्मीदवारों की भरमार
ADR रिपोर्ट के मुताबिक बिहार चुनाव के दूसरे चरण में मैदान में उतरे 1297 उम्मीदवारों में से 562 (लगभग 43%) करोड़पति हैं। यानी हर दो-तीन प्रत्याशियों में से एक करोड़पति है। वहीं 10 करोड़ या उससे अधिक संपत्ति वाले 98 उम्मीदवार (7.6%), 5 से 10 करोड़ के बीच संपत्ति वाले 100 (7.7%), और 1 से 5 करोड़ की संपत्ति वाले 364 (28.1%) उम्मीदवार हैं।
इसके अलावा, 374 उम्मीदवार (28.8%) की संपत्ति 20 लाख से 1 करोड़ के बीच है, जबकि 361 उम्मीदवार (27.8%) की संपत्ति 20 लाख से भी कम है। यानी गरीब उम्मीदवार अब अपवाद बन चुके हैं।
🔹 कौन सी पार्टी के पास सबसे ज्यादा अमीर प्रत्याशी?
चुनाव आयोग के हलफनामों से पता चलता है कि लगभग सभी बड़ी पार्टियां करोड़पतियों पर दांव लगा रही हैं। सबसे ज्यादा धनी उम्मीदवार लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के हैं पार्टी के 15 में से सभी 15 उम्मीदवार करोड़पति (100%) हैं।
वहीं जेडीयू ने भी पीछे नहीं छोड़ा। उसके 44 में से 40 उम्मीदवार (91%) करोड़पति हैं। राजद के 70 में से 59 (84%), और भाजपा के 53 में से 44 (83%) उम्मीदवारों के पास एक करोड़ से अधिक की संपत्ति है।
कांग्रेस के हालात भी मिलते-जुलते हैं 37 में से 31 उम्मीदवार (84%) करोड़पति हैं। अन्य दलों में, जन सुराज पार्टी के 117 में से 86 (74%), बसपा के 91 में से 30 (33%), आप के 39 में से 13 (33%), सीपीआई(एमएल) के 6 में से 3 (50%), सीपीआई के 4 में से 2 (50%), और सीपीएम के एकमात्र उम्मीदवार (100%) करोड़पति हैं। स्पष्ट है कि बिहार की राजनीति में अब विचारधारा से ज्यादा 'वित्तीय ताकत' का महत्व बढ़ चुका है।
🔹 औसतन उम्मीदवार कितने अमीर हैं?
अगर पूरे फेज की बात करें, तो उम्मीदवारों की औसत संपत्ति करीब ₹3.44 करोड़ बैठती है। यानी औसतन हर प्रत्याशी के पास करोड़ों की संपत्ति है।
दलवार औसतन संपत्ति
अब अगर राजनीतिक दलों के औसत पर नजर डालें तो तस्वीर और दिलचस्प हो जाती है-
इन आंकड़ों से साफ झलकता है कि मुख्य दलों के टिकट पर लड़ने वाले उम्मीदवारों के पास औसतन कई करोड़ की संपत्ति है।
इन आंकड़ों से साफ झलकता है कि मुख्य दलों के टिकट पर लड़ने वाले उम्मीदवारों के पास औसतन कई करोड़ की संपत्ति है।
बिहार जैसे राज्य में जहां गरीबी और बेरोजगारी अब भी बड़ी चुनौती है, वहां चुनावी मैदान में अमीर उम्मीदवारों का दबदबा एक गंभीर सवाल खड़ा करता है। चुनाव जीतने की रणनीति अब सिर्फ जनसमर्थन या मुद्दों पर नहीं, बल्कि 'धनबल' के प्रदर्शन पर भी टिकी दिख रही है।
हालांकि, जनता किसे मौका देगी यह 14 नवंबर के नतीजों से तय होगा। लेकिन इतना तो तय है कि बिहार के इस चुनावी मौसम में पैसा और पावर दोनों साथ-साथ चल रहे हैं।
