एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) के एक विशेषण के अनुसार, 10 वर्षों (2014-2024) में दोबारा निर्वाचित होने वाले 102 सांसदों की औसत संपत्ति में 17.36 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी है. इन 10 वर्षों में इन सांसदों की औसतन संपत्ति में 110% की वृद्धि हुई.
एडीआर और नेशनल इलेक्शन वॉच ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में दोबारा चुने गए 103 सांसदों में से 102 के चुनावी हलफनामे का विश्लेषण किया है. उत्तर प्रदेश के अकबरपुर से भाजपा सांसद देवेंद्र सिंह उर्फ भोले सिंह का 2019 के लोकसभा चुनाव का हलफनामा उपलब्ध न होने की वजह से, उनका विश्लेषण नहीं किया गया.
विश्लेषण रिपोर्ट के अनुसार, महाराष्ट्र के सतारा निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा सांसद श्रीमंत छत्रपती उदयनराजे प्रतापसिंह महाराज भोसले की संपत्ति में सबसे अधिक बढ़ोतरी हुई. 2014 से उनकी संपत्ति 162.51 करोड़ रुपये बढ़ी है. 2014 में उनकी संपत्ति 60.60 करोड़ रुपये थी, जो 2024 में बढ़कर 223.12 करोड़ रुपये हो गई.
इसी प्रकार, गुजरात के जामनगर निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा सांसद पूनमबेन हेमतभाई माडम की संपत्ति में 130.26 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है. 2014 में उन्होंने 17.43 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषित की थी, जो बढ़कर 2024 में 147.70 करोड़ रुपये हो गई.
इसके बाद, तीसरे नंबर पर हैं आंध्र प्रदेश के राजमपेट क्षेत्र से YSRCP के सांसद पीवी मिधुन रेड्डी. 10 वर्षों में उनकी संपत्ति 124.25 करोड़ रुपये बढ़ी है. 2014 में उनकी संपत्ति 22.59 करोड़ रुपये थी, जो बढ़कर 2024 में 146.85 करोड़ रुपये हो गई.
