एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) और नेशनल इलेक्शन वॉच द्वारा 7 जनवरी, 2026 को जारी एक ताजा विश्लेषण रिपोर्ट ने देश के राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। इस रिपोर्ट के अनुसार, 2014 से 2024 के बीच लगातार निर्वाचित होने वाले 102 सांसदों की संपत्ति में पिछले एक दशक में औसतन 110% की वृद्धि दर्ज की गई है।
संपत्ति का तुलनात्मक आंकड़ा
ADR की रिपोर्ट बताती है कि इन 102 सांसदों की औसत संपत्ति जो 2014 में ₹15.76 करोड़ थी, वह 2019 में बढ़कर ₹24.21 करोड़ और 2024 तक ₹33.13 करोड़ के आंकड़े को पार कर गई है। आंकड़ों के अनुसार, इन सांसदों की संपत्ति में 10 साल के भीतर औसतन ₹17.36 करोड़ का इजाफा हुआ है।
संपत्ति बढ़ाने में गुजरात और महाराष्ट्र के सांसद सबसे आगे
रिपोर्ट में सबसे अधिक संपत्ति वृद्धि वाले टॉप-10 सांसदों की सूची में महाराष्ट्र और गुजरात का दबदबा देखने को मिला है:
उदयनराजे भोसले (महाराष्ट्र, BJP): इस सूची में सबसे ऊपर हैं। उनकी संपत्ति 2014 में ₹60.60 करोड़ थी, जो 2024 में बढ़कर ₹223.12 करोड़ हो गई (लगभग ₹162.51 करोड़ की वृद्धि)।
पूनमबेन माडम (गुजरात, BJP): जामनगर की सांसद इस सूची में दूसरे स्थान पर हैं। 10 वर्षों में उनकी संपत्ति ₹17.43 करोड़ से बढ़कर ₹147.70 करोड़ हो गई है, जो ₹130.26 करोड़ की भारी वृद्धि दर्शाती है।
पी.वी. मिधुन रेड्डी (YSRCP): आंध्र प्रदेश के इस सांसद की संपत्ति में भी ₹124.25 करोड़ का इजाफा हुआ है।
प्रमुख राजनीतिक दलों का विश्लेषण
पार्टी के आधार पर देखा जाए तो संपत्ति में वृद्धि का रुझान कुछ इस प्रकार है:
भारतीय जनता पार्टी (BJP): दोबारा चुने गए 65 सांसदों की संपत्ति में औसतन 108% की वृद्धि हुई।
कांग्रेस (INC): 8 दोबारा निर्वाचित सांसदों की संपत्ति में औसतन 135% का उछाल देखा गया।
TMC: 11 सांसदों की संपत्ति में औसतन 86% की बढ़ोतरी हुई।
AIMIM: असदुद्दीन ओवैसी (1 सांसद) की संपत्ति में 488% का जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया है।
