दो चरणों में हो रहे बिहार विधानसभा चुनाव के फर्स्ट फेज की वोटिंग गुरुवार को कराई जा रही है। फर्स्ट फेज में चुनाव प्रचार के दौरान हिंसा की कई घटनाएं सामने आईं। हिंसक घटनाओं में यहां सबसे चर्चित सीट मोकामा की रही। यहां दुलारचंद्र की हत्या केस में बाहुबली नेता अनंत सिंह को जेल भेज दिया गया। इस हत्याकांड ने बिहार की राजनीति में अपराधिकरण की चर्चा पर जोर दे दिया। इस बीच फर्स्ट फेज की वोटिंग से पहले जो एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) और बिहार इलेक्शन वॉच की रिपोर्ट सामने आई है, वो भी चौंकाने वाली है। यहां पर दूसरे फेस में चुनाव लड़ रहे 30 परसेंट से अधिक कैंडिडेट पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। सफेद कपड़े पहने जनता के बीच वोट मांगने जा रहे इन नेताओं में 26 परसेंट पर हत्या और महिलाओं के खिलाफ अपराध जैसे गंभीर आरोप हैं।
कौन-कौन से अपराध
415 (32%) उम्मीदवारों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं।
341 (26%) उम्मीदवारों पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।
15 उम्मीदवार पर हत्या का मामला
79 कैंडिडेट पर हत्या का प्रयास का मामला
52 कैंडिडेट पर महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले
कौन सी पार्टी ज्यादा दागदार
आरजेडी: 70 कैंडिडेट में 38 (54%) कैंडिडेट पर क्रिमिनल केस, 27 (39%) पर गंभीर आपराधिक मामले
बीजेपी: 53 कैंडिडेट में 30 (57%) पर क्रिमिनल केस, 22 (42%) पर गंभीर आपराधिक मामले
जेडीयू: 44 में से 14 (32%) पर क्रिमिनल केस, 11 (25%) पर गंभीर आपराधिक मामले
कांग्रेस: 37 में से 25 (68%) पर क्रिमिनल केस, 20 (54%) पर गंभीर आपराधिक मामले
जनसुराज: 117 में से 58 (50%) पर क्रिमिनल केस, 51 (44%) पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज
73 सीटों पर रेड अलर्ट
दूसरे फेज में जिन 122 निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान होना है, उनमें से एडीआर ने 73 को “रेड अलर्ट” निर्वाचन क्षेत्रों के रूप में चिह्नित किया है। यानी वे निर्वाचन क्षेत्र जहां तीन या अधिक उम्मीदवार आपराधिक आरोपों का सामना कर रहे हैं।
10 परसेंट फीमेल कैंडिडेट
इस बार 133 महिलाएं चुनाव लड़ रही हैं, जो कुल उम्मीदवारों का करीब 10 परसेंट है।
दूसरे चरण के 1302 उम्मीदवारों में 562 करोड़पति
एडीआर ने 1302 में से 1297 उम्मीदवारों की लिस्ट का विश्लेषण किया। इसी के आधार पर रिपोर्ट जारी की गयी है। इसमें बताया गया है कि 562 उम्मीदवार करोड़पति हैं। इस चरण में चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 3।44 करोड़ रुपए है।
दागी कैंडिडेट पर क्या कहा
राजनीतिक दल: रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि राजनीतिक दलों ने सफाई में वही पुराने तर्क दिए। &लोकप्रिय उम्मीदवार है&य, &सामाजिक कार्य करता है&य, &मामले राजनीतिक रूप से प्रेरित हैं&य जिन्हें ADR ने &बे-बुनियाद और औचित्यहीन&य बताया है।
एडीआर: दागी कैंडिडेट का &यह डेटा स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि राजनीतिक दलों की चुनावी प्रणाली में सुधार करने में कोई रुचि नहीं है। हमारा लोकतंत्र कानून तोड़ने वालों के विधायक बनने के कारण लगातार पीड़ित होता रहेगा।
धनबल का असर
दोनों फेज में चुनावी मैदान पर 2,600 उम्मीदवारों की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, 1,081 उम्मीदवार (42 परसेंट) करोड़पति हैं। इसका मतलब यह हुआ कि हर पांच में से लगभग दो उम्मीदवारों की संपत्ति 1 करोड़ रुपये से अधिक है। रिपोर्ट में बताया गया है कि बिहार में सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने 14 परसेंट से लेकर 100 परसेंट तक करोड़पति उम्मीदवार उतारे हैं। उम्मीदवारों की औसत संपत्ति लगभग 3।35 करोड़ रुपए है, जो बिहार के चुनावी मैदान में धन के प्रभाव को दिखाता है।
