बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में चुने गए 243 विधायकों में से 130 (53%) के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें से 102 (42%) तो ऐसे हैं, जो हत्या और अपहरण जैसे गंभीर मामलों में आरोपी हैं। 6 MLA पर महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले चल रहे हैं।
भाजपा के 54 तो जदयू के 31 और राजद के 18 विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। जदयू के 92%, BJP के 87%, राजद के 96% और कांग्रेस के 100% विधायकों के पास 1 करोड़ रुपए से ज्यादा की संपत्ति है।
102 विधायकों के खिलाफ दर्ज हैं गंभीर आपराधिक मामले
ADR (Association for Democratic Reforms) की रिपोर्ट के अनुसार 243 विधायकों में से 130 (53%) के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। 2020 की तुलना में इस मामले में थोड़ा सुधार हुआ है। 5 साल पहले जीते 241 विधायकों में से 163 (68%) के खिलाफ क्रिमिनल केस दर्ज थे। इस तरह 15% का सुधार हुआ है।
2025 का चुनाव जीतने वाले 102 (42%) विधायकों ने स्वीकार किया है कि उनके खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। 2020 में यह संख्या 123 (51%) थी।
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NDA के 6 विधायक हत्या के मामले में आरोपी
नए चुने गए NDA के 6 विधायक हत्या के मामले में आरोपी हैं। इनमें से 3 भाजपा और 3 जदयू के हैं। वहीं, महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले में भी NDA के 6 विधायक आरोपी हैं।
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भाजपा के 61% विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामले
भाजपा के 89 में से 54 (61%), जदयू के 85 में से 31 (36%) और राजद के 25 में से 18 (72%) विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं।
वहीं, गंभीर आपराधिक मामलों की बात करें तो बीजेपी के 89 में से 43, जदयू के 85 में ले 23 और राजद के 25 में से 14 विधायक आरोपी हैं।
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जदयू के 92%-BJP के 87% विधायक करोड़पति
चुनाव जीतने वालों में करोड़पति सबसे अधिक हैं। भाजपा के 89 में से 77 तो जदयू के 85 में से 78 विधायक करोड़पति हैं। कांग्रेस के सभी 6 विधायक करोड़पति हैं। वहीं, जीतन राम मांझी की हम के 80 फीसदी विधायक करोड़पति हैं।
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नए बने 20 विधायकों के पास डॉक्ट्रेट की डिग्री, 7 सिर्फ साक्षर नए चुने गए 243 विधायकों में से 152 (लगभग 62%) ग्रेजुएट या इससे ऊंची डिग्री रखने वाले हैं। इससे उम्मीद है कि अगले पांच साल विधानसभा में बहस का स्तर ऊंचा रहेगा।
हालांकि ऐसे नेताओं की संख्या भी कम नहीं, जो पढ़ाई के मामले में कुछ खास नहीं कर सके। राजद नेता तेजस्वी उनमें से एक हैं। 7 विधायक सिर्फ साक्षर हैं।
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मोकामा से अनंत सिंह, कुचायकोट से अमरेंद्र पांडेय समेत कई बाहुबली जीते 'छोटे सरकार' के नाम से मशहूर अनंत सिंह ने जदयू प्रत्याशी के रूप में मोकामा सीट से जीत दर्ज की है। उन्होंने जेल में रहते हुए चुनाव जीता। चुनाव से ठीक पहले 1 नवंबर को उन्हें दुलारचंद यादव हत्याकांड में गिरफ्तार किया गया था। कुचायकोट सीट से जदयू प्रत्याशी अमरेंद्र पांडेय जीत गए हैं। चेतन आनंद और ओसामा शहाब जैसे बाहुबलियों के कई रिश्तेदार भी विधायक बने हैं।
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गंभीर आपराधिक मामलों की संख्या में गड़बड़ी गंभीर आपराधिक मामलों की रिपोर्टिंग में गड़बड़ी भी दिखी है। जैसे कुचायकोट के जदयू उम्मीदवार अमरेंद्र कुमार पांडेय के खिलाफ 14 आपराधिक मामले दर्ज होने की बात कही गई है। ADR और द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार, इन 14 में से एक आरोप गंभीर प्रकृति का है।
हालांकि, MyNeta.info के अनुसार अमरेंद्र के खिलाफ दर्ज 14 मामलों में हत्या से संबंधित 4 और हत्या के प्रयास से संबंधित 4 आरोप शामिल हैं। अब सवाल है कि कैसे 4 हत्या और 4 हत्या के प्रयास के आरोपों वाले विधायक को आधिकारिक तौर पर केवल '1 गंभीर मामले' वाला गिना गया?
दूसरा उदाहरण राजू कुमार सिंह का है। साहेबगंज से भाजपा विधायक चुने गए राजू के खिलाफ 10 आपराधिक मामले दर्ज हैं। ADR/द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार, उन पर दर्ज 10 मामलों में गंभीर प्रकृति के आरोप 0 हैं। हालांकि MyNeta की जानकारी के अनुसार उनके खिलाफ जबरन वसूली के लिए चोट पहुंचाने का एक मामला दर्ज है। यह एक गंभीर अपराध है।
