बिहार विधानसभा चुनाव का नतीजा सामने आ गया है. इस बार का चुनावी रिजल्ट हर बार से बिल्कुल अलग है. क्योंकि इस बार एनडीए को प्रचंड बहुत मिली है. एनडीए को जहां एक तरफ 202 सीट मिली है तो वहीं महागठबंधन को महज 35 सीट पर ही सिमट गई है. वहीं पूरे प्रदेश में सबसे बड़ी पार्टी बनकर बीजेपी उभरी है. बीजेपी ने 101 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे, जिसमें से 89 ने जीत हासिल की है. वहीं जदयू ने भी 101 सीट पर चुनाव लड़ा था, जिसमें से 85 सीटों पर जीत हासिल की. हालांकि इस बार 50 फीसदी से ज्यादा विधायक जो चुने गए हैं, उनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं.
एडीआर की रिपोर्ट के मुताबिक चुने गए 243 विधायकों में से 147 विधायक ग्रेजुएट हैं. वहीं 218 विधायक करोड़पति भी हैं. इसके अलावा चुने गए विधायकों में से 53 फीसदी यानी कि 130 विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज हैं. कई विधायकों पर हत्या जैसे गंभीर आरोप हैं. बता दें कि बिहार का विधानसभा चुनाव इस बार काफी दिलचस्प रहा है. क्योंकि इस बार चुनावी लड़ाई केवल एनडीए और महागठबंधन के बीच नहीं थी. जबकि प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने भी ताल ठोंका था. हालांकि कुछ ज्यादा असर नहीं दिखा. लेकिन जो चुनावी नतीजे सामने आए हैं, उससे साफ जाहिर होता है कि इस बार हवा एक तरफ चली है.
एनडीए के घटक दलों का भी प्रदर्शन बेहतर रहा है. लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को 19, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेकुलर) को 5 और राष्ट्रीय लोक मोर्चा को 4 सीटें मिली हैं. वहीं राजद की अगुवाई वाले महागठबंधन को करारा झटका लगा है. चुनाव आयोग द्वारा जारी किए गए अंतिम नतीजों के मुताबिक राजद को 25, कांग्रेस को 6, सीपीआई (एमएल) को 2, इंडियन इंक्लूसिव पार्टी और सीपीएम को 1-1 सीट मिली है. बता दें कि बिहार में दो चरणों में मतदान हुआ था. पहले फेज का मतदान 6 नवंबर को हुआ था और 11 नवंबर को दूसरे फेज का मतदान हुआ था.
