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Source
In Khabar
Author
Divyanshi Singh
Date

Bihar Election Result 2025: बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे 14 नवंबर को घोषित किए गए जिसमें NDA को बड़ी जीत मिली. 243 सीटों वाली विधानसभा में एनडीए ने 202 सीटें बहुमत हासिल कर  ऐतिहासिक प्रदर्शन किया, जबकि महागठबंधन को महज 35 सीटों पर संतोष करना पड़ा. जीत के आकड़े के साथ बिहार चुनाव का एक और आकड़ा है जिसे देख और सुन हर कोई हैरा है वो आकड़ें विधायकों के आपराधिक रिकॉर्ड और उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले के हैं . बता दें कि इस चुनाव में जीतने वाले 243 विधायकों में से 53 प्रतिशत यानी 130 के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं. एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) और बिहार इलेक्शन वॉच ने एक विश्लेषण में इस मामले पर विस्तृत जानकारी साझा की है.

42 प्रतिशत विधायकों पर गंभीर आपराधिक मामले

रिपोर्ट के अनुसार, इस बार 102 (42 प्रतिशत) विधायकों ने गंभीर आपराधिक मामले घोषित किए हैं, जबकि 2020 में यह संख्या 123 (51 प्रतिशत) थी. छह विधायकों के खिलाफ हत्या से संबंधित मामले दर्ज हैं, जबकि 19 विधायकों के खिलाफ हत्या के प्रयास के मामले दर्ज हैं.

किस पार्टी के विधायकों के खिलाफ सबसे ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज?

विश्लेषण के अनुसार, विजेताओं ने अपने हलफनामों में महिलाओं के खिलाफ अत्याचार के नौ मामलों की भी घोषणा की है. एडीआर विश्लेषण के अनुसार, 89 विजेताओं में से 43 (48 प्रतिशत) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से, 85 में से 23 (27 प्रतिशत) जनता दल (यूनाइटेड) से, 25 में से 14 (56 प्रतिशत) राष्ट्रीय जनता दल (राजद) से, 19 में से 10 (53 प्रतिशत) लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) से, 6 में से 3 (50 प्रतिशत) कांग्रेस से, और 5 में से 4 (80 प्रतिशत) ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) से हैं.

इसके अलावा, एनडीए से संबद्ध राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के चार में से एक (25 प्रतिशत), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन के दो में से एक (50 प्रतिशत), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) (सीपीआई-एम) के एकमात्र विजेता, भारतीय समावेशी पार्टी (आईआईपी) के एक विजेता और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के एक विजेता ने गंभीर आपराधिक मामलों की घोषणा की है.

90 प्रतिशत विधायक करोड़पति

रिपोर्ट के अनुसार, 90 प्रतिशत विधायक करोड़पति हैं, जिनकी औसत घोषित संपत्ति ₹9.02 करोड़ है. शैक्षिक स्तर की बात करें तो, 35 प्रतिशत विजेताओं ने अपनी योग्यता पाँचवीं से बारहवीं कक्षा के बीच बताई है, जबकि 60 प्रतिशत स्नातक या उससे ऊपर हैं. पाँच विजेताओं के पास डिप्लोमा है, और सात ने खुद को साक्षर घोषित किया है.

कितने प्रतिशत महिला उम्मीदवार को मिली जीत?

आयु वर्ग के अनुसार, 38 विजेता (16 प्रतिशत) 25 से 40 वर्ष की आयु के हैं, 143 विजेता (59 प्रतिशत) 41 से 60 वर्ष की आयु के हैं, और 62 विजेता (26 प्रतिशत) 61 से 80 वर्ष की आयु के हैं. 243 सदस्यीय राज्य विधानसभा में केवल 29 (12 प्रतिशत) महिला उम्मीदवार ही जीत पाई हैं, जबकि पिछली विधानसभा में यह संख्या 11 प्रतिशत थी.


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