एडीआर एव बिहार इलेक्शन वाच के रिकार्ड के मुताबिक यह संख्या पिछली बार 68 परसेंट था। वहीं जीते हुए 102 उम्मीदवारों पर यानी करीब 42 परसेंट पर अपराध के गंभीर मामले हैं। खास बात यह कि जीतकर आये 243 कैडिंडेट में 9्र0 प्रतिशत करोड़पति हैं। मतलब इस का विधानसभा करोड़पतियों से भरा रहेगा। साथ ही 60 परसेंट विधायक पढाई में ग्रेजुएट भी दिखाई देगेें।
गंभीर आपराधिक मामले-102( 42%) विजेता उम्मीदवारो ने अपने उपर गंभीर आपराधिक मामले घोषित किए है। 2020 मे यह 241 मे से 123( 51%) था।
6 विजेता उम्मीदवारो ने उपर हत्या से संबंधित मामले घोषित किए। जबकि हत्या के प्रयास घोषित करने बाले विधायको की संख्या 19 है।
महिलाओ़ के उपर अत्याचार करने के मामले 9 पर दर्ज है़।
विभिन्न दलों के जीते उम्मीदवारों द्वारा घोषित आपराधिक मामले
-बीजेपी- 89 मे से 43 (48%)
जदयू 85 मे से 23 (27%)
आरजेडी 25 मे से 14( 56%)
एलजेपी (रामविलास) के 19 मे से 10 (53%)
आई एन सी के 6 मे से 3 (50%)
AIMIM के 5 मे से 4 (80%)
राष्ट्रीय लोक मोर्चा 4 मे से 1 (25%)
सीपीआई (ML) के 2 मे से 1 (50%)
सीपीआई (M) के 1 मे से 1 (100%)
Indian Inclusive Party के 1 मे से 1 (100%)
और बीएसपी के 1 मे से 1 (100%)
- 90% विजेता उम्मीदवार करोडपति है।
--औसत संपत्ति 9.02 करोड है।
- 35% विजेता उम्मीदवारो की शैक्षिक योग्यता 5 वी और 12 वी के बीच है।
- 60% की शैक्षिक योग्यता स्नातक है
- 5 ने अपनी योग्यता डिप्लोमा घोषित की है।
- 7 विजेता उम्मीदवार साक्षर है।
- 38 (16%) 25-40 आयुवर्ग के है
- 143( 59%) 41-60 के बीच के है।
- 62 (26%) विजेता उम्मीदवारो ने अपनी आयु 62-80 घोषित किए है।
243 मे से 29(12%) महिला विजेता उम्मीदवार है पिछले विधानसभा में यह 11 % था।
