जेडीएस ने 490 फीसदी अधिक का खर्च किया है।
एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) ने एक रिपोर्ट जारी की है। इसमें देश की 57 में से 39 क्षेत्रीय पार्टियों की कमाई और खर्च का एक ब्योरा जारी किया है। इसके मुताबिक, ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी खर्च के मामले में देश की सबसे बड़ी क्षेत्रीय पार्टी बन गई है। फाइनैंशियल ईयर 2022-23 में पार्टी की कमाई 333.45 करोड़ रुपए थी, जबकि, टीएमसी ने पिछले साल कुल 181.1 करोड़ रुपए खर्च किए थे।
वहीं कमाई के मामले में तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री केसीआर राव की पार्टी बीआरएस 2022-23 में 737 करोड़ रुपए रही। हालांकि, उस दौरान उसने केवल 57.47 करोड़ रुपए ही खर्च किए। वहीं वाईएसआर कांग्रेस कमाई के खर्च के मामले में दूसरे और कमाई के मामले में तीसरे स्थान पर रही।
क्षेत्रीय पार्टियों में डीएमके की कमाई 214.3 करोड़ रुपए और खर्च 52.62 करोड़ रुपए, बीजू जनता दल की कमाई 181.05 करोड़ और कमाई 9.8 करोड़ रुपए रही।
आय से अधिक खर्च करने वाली पार्टियां
एडीआर की रिपोर्ट में इस बात का भी खुलासा हुआ है कि कई पार्टियों ने अपनी आमदनी के हिसाब से अधिक खर्च किया था। रिपोर्ट के मुताबिक, 19 रीजनल पार्टियों ने अव्यवस्थित तरीके अर्जित आय को घोषित किया है। इस मामले में बीआरएस की सबसे अधिक आय 680 करोड़ रुपए रही।
उसके बाद बीजू जनता दल की कमाई 171 करोड़ रुपए और डीएमके की कमाई 161 करोड़ रुपए रही। वहीं जेडीएस एक ऐसी पार्टी रही। उसने अपनी आय 490 फीसदी से अधिक खर्च की।
