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Source
Live Hindustan
Date
City
NEW DELHI

नई दिल्ली। प्रभात कुमार वित्तीय वर्ष 2022-23 में देशभर के क्षेत्रीय राजनीतिक दलों की

वित्तीय वर्ष 2022-23 में देशभर के क्षेत्रीय राजनीतिक दलों की आय की तुलना में खर्च एक चौथाई से भी कम है। इसका खुलासा, क्षेत्रीय राजनीतिक दलों द्वारा भारतीय निर्वाचन आयोग (ईसीआई) में पेश लेखा- जोखा के विश्लेषण के आधार पर तैयार रिपोर्ट से हुई है। इस रिपोर्ट के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2021-21 की तुलना में 2022-23 में क्षेत्रीय दलों की कुल आय में भी बढ़ोतरी हुई है।

भारतीय राजनीति और चुनाव प्रक्रिया पर नजर रखने वाली गैर सरकारी संगठन ‘एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफार्म्स (एडीआर) ने निर्वाचन आयोग में पेश 57 क्षेत्रीय राजनीति दलों में से 39 के आडिट रिपोर्ट के विश्लेषण के आधार पर यह रिपोर्ट जारी किया है। इसमें कहा गया है कि वित्तीय वर्ष 2022-23 में 39 क्षेत्रीय दलों को कुल आय 1740 रुपये है जो कि इसके पिछले वित्तीय वर्ष 2021-22 की तुलना में लगभग 20 करोड़ रुपये अधिक है। एडीआर ने कहा है कि 2021-22 में इन क्षेत्रीय दलों की आय 1721 करोड़ रुपये थी।

इस रिपोर्ट में कहा गया है कि 2022-23 में क्षेत्रीय दलों की आय की तुलना में खर्च एक चौथाई से भी कम है। इस वित्तीय वर्ष में इन दलों ने चुनावी, प्रशासनिक, अपने कर्मचारियों से अन्य मदों में महज 481 करोड़ रुपये ही खर्च किए गए। एडीआर की ओर से जारी इस रिपोर्ट में कहा गया है कि 39 क्षेत्रीय दलों की कुल आय में से अकेले तेलांगना की सत्ता पर काबिज रही बीआरएस 737 करोड़ 67 लाख रुपये यानी 42.38 फीसदी से अधिक मिले है। पिछले साल हुई विधानसभा चुनाव में बीआरएस की सत्ता चली गई और अब वहां कांग्रेस की सरकार है। रिपोर्ट के मुताबिक पश्चिम बंगाल की सत्ता पर काबिज टीएमसी को 333 करोड़ 45 लाख रुपये यानी 1916 फीसदी और तामिलनाडु की सत्ता पर काबिज डीएमके को 214 करोड़ 35 लाख रुपये यानी 12.32 फीसदी रकम मिले।

5 क्षेत्रीय दलों को कुल आय का 88 फीसदी से अधिक मिले

एडीआर की रिपोर्ट के मुताबिक 2022-23 में 39 क्षेत्रीय दलों के कुल का आय का 88.56 फीसदी यानी 1541 करोड़ 32 लाख रुपये 5 क्षेत्रीय दलों को ही मिले। इनमें सबसे अधिक बीआरएस 737 करोड़ 67 लाख रुपये यानी 42.38 फीसदी, टीएमसी को 333 करोड़ 45 लाख रुपये यानी 1916 फीसदी और तामिलनाडु की सत्ता पर काबिज डीएमके को 214 करोड़ 35 लाख रुपये यानी 12.32 फीसदी रकम मिले। जबकि बीजेडी को 181 करोड़ यानी 10.40 फीसदी और 74 करोड़ 78 लाख रुपये यानी 4.40 फीसदी रकम मिले। बाकी अन्य 34 दलों को 199 करोड़ यानी 11.44 फीसदी रकम मिले।

20 दलों की आय में बढ़ोतरी, 17 की आय में कमी

एडीआर की रिपोर्ट के मुताबिक 39 क्षेत्रीय दलों में से 37 के लेखाजोखा के विश्लेषण से पता चलता है कि वित्तीय वर्ष 2021-22 की तुलना में 2022-23 में 20 क्षेत्रीय दलों की आय में बढ़ोतरी हुई है, जबकि 17 की आय में कमी आई है। रिपोर्ट के अनुसार सबसे अधिक बीआरएस की आय में 519.565 करोड़ रुपये की सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की गई। इसके बाद टीडीपी की आय में 57.966 करोड़ रुपये और सीपीआई की आय में 12.454 करोड़ रुपये की कुल बढ़ोतरी हुई। रिपोर्ट के अनुसार टीएमसी सहित 17 क्षेत्रीय दलों की आय में कमी भी हुई। रिपोर्ट के मुताबिक टीएमसी की आय में सबसे अधिक गिरावट दर्ज की गई है। वित्तीय वर्ष 2021-22 की तुलना में टीएमसी की आय में 212 करोड़ रुपये की कमी हुई है। 2021-22 में जहां टीएमसी की आय 545.745 करोड़ कुल आय थी, वहीं 2022-23 हीं में 333.457 करोड़ रह गई। इसके अलावा डीएमके की आय में काफी कमी आई है। डीएमके की आय में 126 करोड़ की कमी आई है। वहीं, हीं बीजेडी और वाई एसआर कांग्रेस की आय में भी कमी हुई है।

 


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